बच्चों की कविता : कु्त्ता भौं-भौं करता है

कृष्ण वल्लभ पौराणिक|
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कु्त्ता भौं-भौं करता है
पूछ उठाए वह फिरता है
देख कभी दूसरा कुत्ता
उस पर भी भौं-भौं करता है ...1
गली-गली में घूमा करता
भूख मिटाने सदा भटकता
मुंह में रोटी लिए दबाए
एकांत ढूंढता चलता है ...2
 
बिल्ली देखकर कभी कहीं पर
हमला कर तभी झपटता है
किंतु पलट बिल्ली गुर्राती
वह तेवर देख ठिठकता है ...3
 
थका हुआ जब वह सोया हो
सपनों में जब वह खोया हो
पत्ता गिरने पर ऊपर से
नींद छोड़ वह चट जगता है ...4
 
वफादार वह सब प्राणी से
गली-मोहल्ले का रक्षक है
ऐरा गैरा घुस ना सकता
सबको सावधान करता है ...5



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