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स्वतंत्रता दिवस पर कविता : जन-गण-मन

Updated: सोमवार, 8 अगस्त 2016 (14:29 IST)
आओ सब मिलके
जन-गण-मन गीत गाएं
 
स्वतंत्रता की खुशियों को 
मिल-जुलकर मनाएं
 
राष्ट्रीय त्योहारों पर 
तिरंगे को लहराएं


 
आओ सब मिलके 
जन-गण-मन गीत गाएं
 
हिन्दू-मुस्लिम-सिख-ईसाई 
आपस में सब भाई-भाई
 
भारतमाता है 
हम सबकी माई
 
फख्र से हम सब 
सर ऊपर उठाएं
 
आओ सब मिलके 
जन-गण-मन गीत गाएं
 
शहीदों को पुष्प चढ़ाएं 
उनके सम्मुख शीश नवाएं
 
दिलाई हमें अंग्रेजों से आजादी
दुनिया को हम ये बताएं 
 
आओ सब मिलके 
जन-गण-मन गीत गाएं
 
देश के सीमा प्रहरी बन जाएं 
देश की रक्षा का दायित्व निभाएं
युवा पीढ़ी को ये मूल मंत्र समझाएं 
 
आओ सब मिलके 
जन-गण-मन गीत गाएं। 
 
लेखक के बारे में
संजय वर्मा 'दृष्ट‍ि'
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