biodatamaker
✕

Janmashtami 2024: जन्माष्टमी पर ऐसे सजाएं कान्हा का झूला, निखर जाएगी लड्डू गोपाल की छवि

कन्हैया के झूले की सजावट के लिए आजमाएँ ये तरीके

Written By WD Feature Desk
Updated: शनिवार, 24 अगस्त 2024 (12:46 IST)
krishna jhula decoration at home
 
Krishna jhula decoration tips: जन्माष्टमी के दिन लोग भगवान कृष्ण को सजाने और उनका स्वागत करने के लिए घर की सजावट करते हैं। ऐसे में आप चाहें तो जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल का झूला काफी खास तरीके से सजा सकती हैं। आज हम आपको बताएंगे कि आप कैसे लड्डू गोपाल के झूला को खूबसूरत तरीके से सजाया जा सकता है।ALSO READ: Krishna Janmashtami wishes 2024: कान्हा के जन्मोत्सव पर अपनों को दें बधाई , भेजें ये सुंदर मैसेज और कैप्शन

कपड़ों से सजावट
सबसे पहले आप झूले पर कपड़ों से सजावट शुरू करें। झूले के दोनों किनारों पर साटन या रंगीन चुनरी बांधें। यह देखने में काफी खूबसूरत लगता है। अगर आपके पास गोल्डन बॉर्डर वाली चुनरी है, तो उसे सजावट के लिए इस्तेमाल करना सबसे अच्छा रहेगा।

फूलों का इस्तेमाल
फूलों का इस्तेमाल करके भी आप चाहे तो अपने घर में मौजूद लड्डू गोपाल के झूला को सजा सकती है। आप झूले के चारों ओर ताजे फूलों की माला लगा सकते हैं। गुलाब, गेंदा, चमेली, या किसी अन्य फूल का भी आप इस्तेमाल सजावट के लिए कर सकती हैं।

मोतियों की माला
मोतियों की माला देखने में काफी ज्यादा खूबसूरत लगता है। ऐसे में आप चाहे तो झूले के चारों ओर मोतियों की माला लटकाए और बीच-बीच में साटन रिबन बांधें। इससे सजावट और भी प्यारी दिखेगी। आप चाहें तो रंगीन लाइट्स का भी इस्तेमाल सजावट के लिए कर सकती हैं।

लेखक के बारे में
WD Feature Desk
अनुभवी लेखक, पत्रकार, संपादक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए गहन और विचारोत्तेजक आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

शारदीय नवरात्रि 2026: तिथि, योग, घटस्थापना एवं पूजा के मुहूर्त और खास उपाय

दुर्गा आरती: जय अम्बे गौरी| Durga aarti om jai ambe gauri

सर्वपितृ शनिश्चरी अमावस्या पर श्राद्ध करने का सटीक समय, गजच्छाया योग और विधि

इस शारदीय नवरात्रि की संधिपूजा कब होगी 19 या 20 अक्टूबर 20226, क्या रहेगा शुभ मुहूर्त

शारदीय नवरात्रि की नवपत्रिका पूजा कब है? क्या रहेगा शुभ मुहूर्त

अगला लेख