संस्कृत में एप बनाकर जीता इनाम

अक्सर स्कूली बच्चे संस्कृत को कठिन भाषा मानते हुए उसे पढ़ने में डरते हैं, लेकिन अगर संस्कृत भाषा का ज्ञान गेम खेलते हुए मिले तो इससे बच्चे सरलता से संस्कृत के शब्दों का अर्थ जान सकते हैं। ऐसी ही एक एप्लीकेशन इंदौर के सिका स्कूल के 10वीं कक्षा के दो छात्रों ने तैयार की है, जिससे बच्चे आसानी से कम्प्यूटर पर क्विज के माध्यम से संस्कृत भाषा का ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं। उनके इस एप्लीकेशन को मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा पुरस्कृत भी किया गया है।
सिका स्कूल के छात्रों शौनक कालेले और विशाल यादव ने संस्कृत एप मैकिंग में अजमेर रीजन में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। मप्र से शौनक और विशाल अकेले छात्र थे, जिन्होंने संस्कृत एप मैकिंग में हिस्सा लिया। दिल्ली में मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा संस्कृत सप्ताह का आयोजन किया गया। इसमें मैकिंग में उन्हें तीसरा स्थान मिलने पर मैडल और दो हजार रुपए से सम्मानित किया गया।>
> शौनक और विशाल ने इस एप्लीकेशन को मात्र चार दिनों में तैयार किया है। उन्होंने अभी इसे पॉवर पॉइंट पर तैयार किया है, जिसे कम्प्यूटर और लैपटॉप कर खेला जा सकता है। शौनक और विशाल का कहना है कि वे इसे एंड्राइड और जावा पर भी बनाने वाले हैं। इस एप्लीकेशन को बनाने के उद्देश्य के पीछे शौनक और विशाल का कहना है कि हम चाहते हैं कि कम्प्यूटर से संस्कृत कैसे सिखाई जा सकती है और वह भी सरलता है। इसलिए हमने इस एप्लीकेशन में क्विज रखा जिससे बच्चों को आसानी से संस्कृत शब्दों के हिन्दी अर्थ पता चल सकें।  
दिल्ली में आयोजित संस्कृत सप्ताह में मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने छात्रों को सम्मानित किया। दोनों छात्र चाहते हैं कि सरकार स्कूलों में संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए और कदम उठाए। इसके अलावा सिका स्कूल की ही कक्षा 9वीं की छात्रा गौरी कानूनगो ने सस्कृंत निबंध में नेशनल लेवल पर पहला स्थान प्राप्त किया। उन्होंने संस्कृत भाषा में 'भारतम् मे गौरवम्' विषय पर निबंध लिखा था। उन्हें 5 हजार रुपए नकद और मैडल देकर सम्मानित किया गया।



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