स्माइली, मुस्कुराहट का संकेत
गरिमा माहेश्वरी
चैटिंग आज हर युवा का शौक बन गई है। चैटिंग के जरिए नए दोस्त बनाना या फिर दूर बैठे दोस्तों के दिन-रात संपर्क में रहने का यह एक कारगर तरीका है।
जैसे-जैसे इंटरनेट ने विकास किया, चैटिंग के लिए बहुत से नए विकल्प खुले। चैटिंग करते हुए अपने गुस्से, अपनी शरारत या फिर अपनी मधुर मुस्कान अपने दोस्तों या प्रियजनों तक पहुँचाने के लिए आजकल 'स्माइली' काफी प्रचलित है।
नेट पर चैटिंग करते हुए आपका सामना कई तरह के स्माइलीज से हुआ होगा जैसे जीभ चिड़ाते हुए स्माइली, यह फिर गुस्से से लाल स्माइली। इस खूबसूरत मुस्कान के संकेत का जन्म कैसे और कब हुआ ये शायद काफी कम लोगों को पता हो।
आपके प्यारे मुस्कुराहट के संकेत के जन्मदाता हैं प्रोफेसर फॉलमेन जिन्होंने इसका सर्वप्रथम उपयोग 19 सितंबर 1982 में एक बहस में हिस्सा लेते समय किया था।
इस स्माइली को 26 साल पहले प्रोफेसर ने सिर्फ तीन चिन्हों के जरिए जन्म दिया। स्माइली के प्रयोग किए गए वे पहले तीन चिन्ह थे-कोलन (:), हायफन (-) और पैरेंथिसिस )। इनके प्रयोग से बना पहला स्माइली कुछ इस तरह का दिखा ' :-) ' ।
सिर्फ चैट करते समय ही नहीं बल्कि अब इसका उपयोग ईमेल से संदेश भजने के लिए भी बखूबी किया जा रहा है। इस छोटे से स्माइली ने संदेश भेजना और उसके जरिए भावनाओं को व्यक्त करना बहुत ही आसान और सुविधाजनक बना दिया है।
यह तो सिर्फ शुरुआत थी अब तो इस कंप्यूटरी मुस्कान के बहुत से चेहरे प्रचलित हैं जिन्हें समझना इनको प्रयोग करने वालों के ही बस की बात है।
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जैसे-जैसे इंटरनेट ने विकास किया, चैटिंग के लिए बहुत से नए विकल्प खुले। चैटिंग करते हुए अपने गुस्से, अपनी शरारत या फिर अपनी मधुर मुस्कान अपने दोस्तों या प्रियजनों तक पहुँचाने के लिए आजकल 'स्माइली' काफी प्रचलित है।
नेट पर चैटिंग करते हुए आपका सामना कई तरह के स्माइलीज से हुआ होगा जैसे जीभ चिड़ाते हुए स्माइली, यह फिर गुस्से से लाल स्माइली। इस खूबसूरत मुस्कान के संकेत का जन्म कैसे और कब हुआ ये शायद काफी कम लोगों को पता हो।
आपके प्यारे मुस्कुराहट के संकेत के जन्मदाता हैं प्रोफेसर फॉलमेन जिन्होंने इसका सर्वप्रथम उपयोग 19 सितंबर 1982 में एक बहस में हिस्सा लेते समय किया था।
इस स्माइली को 26 साल पहले प्रोफेसर ने सिर्फ तीन चिन्हों के जरिए जन्म दिया। स्माइली के प्रयोग किए गए वे पहले तीन चिन्ह थे-कोलन (:), हायफन (-) और पैरेंथिसिस )। इनके प्रयोग से बना पहला स्माइली कुछ इस तरह का दिखा ' :-) ' ।
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सिर्फ चैट करते समय ही नहीं बल्कि अब इसका उपयोग ईमेल से संदेश भजने के लिए भी बखूबी किया जा रहा है। इस छोटे से स्माइली ने संदेश भेजना और उसके जरिए भावनाओं को व्यक्त करना बहुत ही आसान और सुविधाजनक बना दिया है।
यह तो सिर्फ शुरुआत थी अब तो इस कंप्यूटरी मुस्कान के बहुत से चेहरे प्रचलित हैं जिन्हें समझना इनको प्रयोग करने वालों के ही बस की बात है।
