सावधानी से करें मोबाइल रीसेल
मोबाइल की बढ़ती रेंज, ब्यूटी और स्टाइल वाले नए मोबाइल बाजार में आने से सभी का दिल इन्हें अपना बनाने का करता है। अधिकांश लोग अपना पुराना मोबाइल बेचकर नया मोबाइल खरीदते हैं। अपने मोबाइल को बेचते समय लोग अपने फोन को रिसेट कर देते हैं और सारा डाटा मिटा देते हैं। वे समझते हैं कि ऐसा करने पर उनके मोबाइल में स्टोर जानकारी का दुरुपयोग नहीं हो पाएगा और वे निश्चिंत हो जाते हैं परंतु हकीकत कुछ और ही है। दरअसल मोबाइल हैंडसेट में फ्लैश मेमोरी नामक ऑपरेटिंग सिस्टम होता है, जो फोन में उपलब्ध सूचनाओं को पूरी तरह से मिटने नहीं देता। मोबाइल फोन से कोई भी डाटा सिर्फ सिमकार्ड से मिटता है, मोबाइल सेट के अंदर मौजूद फ्लैश मेमोरी में डाटा नहीं मिटता है। और यह चीज मोबाइल बेचने के बाद आपके लिए घातक भी हो सकती है। मोबाइल बात करने के माध्यम होने के साथ आपके जरूरी डाटा को भी संभालकर रखता है। इससे आपकी अत्यंत गोपनीय जानकारी भी दूसरों के हाथ पड़ सकती है। अतः अपना सेट बेचने से पहले थोड़ी सावधानी बरतना चाहिए।
यदि आप अपने जरूरी डाटा को देखना चाहते हैं तो बाजार में आसानी से मिलने वाले एक सॉफ्टवेयर आइडेंटिटी थीव की मदद से आप ऐसा कर सकते हैं। यही सॉफ्टवेयर है जिसकी मदद से कोई और भी आपकी गोपनीय जानकारी प्रप्त कर सकता है। लोगों द्वारा तेजी से मोबाइल सेट बदलने के कारण यह सावधानी बरतना जरूरी हो गया है। सेलफोन अब सिर्फ फोन न रहकर स्मार्टफोन बन गया है। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि लोग जितनी जल्दी पुराने फोन को बेचकर नए मॉडल खरीद रहे हैं, उतनी ही तेजी से ऐसे सॉफ्टवेयर और तकनीक विकसित करने की जरूरत है, जो कि जरूरत पड़ने पर मोबाइल में उपलब्ध डाटा को पूरी तरह मिटा सके।