Meghalaya Honeymoon Murder Case: सुप्रीम कोर्ट ने सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द की, 3 हफ्ते में सरेंडर के आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को मेघालय के बहुचर्चित हनीमून मर्डर केस की आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द कर दी है। शीर्ष अदालत ने सोनम को बड़ा झटका देते हुए उसे 3 हफ्ते में सरेंडर करने को कहा है।
जस्टिस एम एम सुंदरेश और पी बी वराले की बेंच ने सुनवाई के दौरान न्यूक्लियर फैमिली, जीवन में गैजेट के बढ़ते दखल सहित युवाओं में डिप्रेशन को लेकर भी कई अहम टिप्पणियां की है। कोर्ट ने कहा कि बदलते समाज में ये चीजें होना लाजमी है। आज की पीढ़ी हमसे ज्यादा जानकार हो सकती है लेकिन प्रेशर से निपटने के मामले में वे ज्यादा कमजोर हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर ट्रायल छह महीने के अंदर आगे नहीं बढ़ता और पूरा नहीं होता है तो सोनम नई जमानत अर्जी दाखिल कर सकती हैं। सोनम को पिछले साल जून में अपने बिजनेसमैन पति राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया था।
क्या है मामला?
सोनम पर आरोप है कि उसने वर्ष 2025 में अपने हनीमून के दौरान अपने पति की हत्या करवाई थी। सोनम के पति राजा रघुवंशी 23 मई को हनीमून के दौरान लापता हो गए थे। राजा क्षत-विक्षत शव ईस्ट खासी हिल्स जिले के सोहरा इलाके में एक झरने के पास बरामद हुआ था। इस सनसनीखेज मामले में सोनम और उसके प्रेमी राज समेत कई अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया था। सोनम पिछले करीब 11 महीनों से शिलांग जेल में बंद थी। इसके बाद स्थानीय अदालत ने उसे जमानत पर रिहा कर दिया। मामले में हाईकोर्ट ने भी सोनम की जमानत को बरकरार रखा था।
क्या सोनम ही है मास्टरमाइंड
गौरतलब कि इस पूरे मामले में सोनम को हमले का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। आरोप है कि उसने झरने के पास सीढ़ियों पर आरोपियों के साथ बैठक की और उन्हें 15 हजार रुपए दिए। इसके बाद बंद पार्किंग यार्ड में उसके कहने पर तीनों युवकों ने राजा पर हमला किया। राजा को खाई में फेंकने में भी सोनम ने मदद की। हमले से पहले उसके शरीर से चेन, अंगूठी और ब्रेसलेट भी निकलवाए गए थे। हत्या के बाद आरोपी करीब 11 किलोमीटर आगे जाकर सोनम से मिले थे।

