शैतान को मारेंगे कंकरी
मीना में दुनियाभर के हजयात्री
ND
हजयात्री दलों में रहकर पाँच नमाजे अदा करेंगे। हज के दूसरे दिन मीना से 8 किमी दूर अराफात के मैदान में हज का खुदबा मस्जिद-ए-नमरा में दिया जाएगा। इस दिन हजयात्री पूरे दिन मैदान में रहकर जोहर व असर की नमाज पढ़ेंगे। इस दिन अराफात दिवस के मौके पर पूरी दुनिया के हजयात्री हज की अहम रस्मों को पूरा करेंगे।
ND
कुर्बानी देने के बाद अहराम की पाबंदी खत्म होगी। तवाफे जियारत के लिए मीना से मक्का शरीफ आएँगे। इसके बाद हजयात्री खान-ए-काबा का तवाफ व सई की रस्म अदा कर रात को मीना आएँगे। 29 नवंबर को हज का चौथा दिन 11 जिनहिज्ज होगा। इस दिन सभी हजयात्री जवाल के बाद तीन शैतानों को 7-7 कंकरी मारेंगे व दिन-रात इबादत में गुजारेंगे। 29 नवंबर को भी तीन शैतानों को 7-7 कंकरी मारने के बाद नमाजे असर मीना से मक्के के लिए रवाना होंगे।
इसके लिए सऊदी सरकार ने मीना, अराफात व मुजदलफा में चाक-चौबंद व्यवस्था की है। मीना में शैतान को पत्थर मारने की रस्म के लिए भी खास इंतजाम किए गए हैं। हजयात्रियों को शैतान को कंकरी मारने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। कंकरी मारने के लिए अलग-अलग देशों के लिए अलग-अलग तिथियाँ निर्धारित की गई है।

