Narak Chaturdashi
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रमज़ान में ख़ास : मां-बाप के लिए दुआ

Updated: गुरुवार, 9 जुलाई 2015 (14:07 IST)
हदीस शरीफ में है कि जिसके वाल्देन या इन दोनों में से एक गुजर जाएं और वो शख्स अपनी जहालत से उनकी नाफरमानी करता रहा हो तो अब उसे चाहिए कि इनके लिए हमेशा दुआएं मगफिरत करता रहे और उनके लिए इस्तगफार करता रहे।  



 

इस तरह उस शख्स का नाम फरमाबरदारों में शुमार हो जाएगा। जो शख्स नीचे दी गई दुआ पढ़े और इसके बाद ये दुआ करे कि या अल्लाह इसका सवाब मेरे वाल्देन को पहुंचा दे तो उसको अल्लाह की ज़ात से उम्मीद रखनी चाहिए कि उसने अपने वाल्देन का हक अदा कर दिया। 
 
दुआ
 
अलहम्दो लिल्लाहि रब्बिल आलेमीन। रब्बिस समावति व रब्बिल अर्दे रब्बिल आलमीना वलाहुल किबरियाओ फिस्ससमावाति वल अर्दे व हुवल अजीजुल हकीम लिल्लाहिल हम्दो रब्बिस समावाति वल अर्दे व हुवा रब्बिल आलमीना वलाहुल अजमतो फिस्समावाति अर्देव हुवल अजीजुल हकीमो।
 
साथ में 3 बार सुर ए इख्लास, 3 बार अलहम्दो शरीफ और 3 बार दुरुद शरीफ शामिल करें।
 

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