US, Israel attack Iran updates : अमेरिका-इजराइल ने नतांज न्यूक्लियर फैसिलिटी को निशाना बनाया, IRGC ने नेतन्याहू कार्यालय पर मिसाइल दागी
इजराइल-अमेरिका और ईरान युद्ध का आज तीसरा दिन है। ईरान ने साइप्रस मेंब्रिटिश रॉयल एयर फोर्स (RAF) के अक्रोटिरी बेस पर ड्रोन हमला किया है। IAEA ने कहा कि अमेरिका-इजरायल के हमले से किसी भी ईरानी न्यूक्लियर साइट को नुकसान नहीं। ईरानी IRGC ने कहा कि उसने इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू के दफ्तर पर मिसाइल दागी।
हालांकि पीएम नेतन्याहू के दफ्तर पर मिसाइल अटैक के ईरान के दावे को इजरायल ने खारिज कर दिया। इजरायल डिफेंस फोर्सेज ने दावा किया है कि ऑपरेशन रोरिंग लायन के तहत ईरान के खुफिया मंत्रालय के दो वरिष्ठ अधिकारियों को निशाना बनाकर मार गिराया है।
UN परमाणु एजेंसी (IAEA) में ईरान के राजदूत के मुताबिक अमेरिका और इजराइल के हवाई हमलों में ईरान की नतांज न्यूक्लियर फैसिलिटी को निशाना बनाया है। ईरान का कहना है कि यह एक न्यूक्लियर सेंटर है, जिस पर अंतरराष्ट्रीय निगरानी रहती है।
संयुक्त राष्ट्र के परमाणु निगरानी निकाय के प्रमुख राफेल ग्रॉसी का कहना है कि उनकी एजेंसी के पास इस बात का कोई संकेत नहीं है कि अमेरिका-इजरायल के हमलों में ईरान में स्थित किसी भी परमाणु प्रतिष्ठान को नुकसान पहुंचा है या उस पर हमला हुआ है।
3 अमेरिकी सैनिकों की मौत, 5 गंभीर घायल
अमेरिका के ईरान के खिलाफ चलाए जा रहे सैन्य अभियान के दौरान अब तक तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है, जबकि पांच गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार ये सैनिक कुवैत में तैनात थे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि आगे और हताहत होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
इजरायली पुलिस के मुताबिक, ईरान की ओर से इजरायल के बीत शेमेश शहर पर किए गए मिसाइल हमले में नौ लोगों की मौत हो गई है, जबकि 11 लोग लापता हैं। मलबे में दबे संभावित जीवित लोगों की तलाश के लिए सर्च एंड रेस्क्यू टीमें अभियान चला रही हैं।
डे ऑफ्टर रणनीति का खुलासा नहीं
इस बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान की जनता से इस्लामिक रिपब्लिक की सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए उठ खड़े होने का आह्वान किया है। यह अपील उस संयुक्त अमेरिका-इजरायल हमले के एक दिन बाद आई है, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने की खबर है।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा है कि उन्होंने अमेरिका के अनुरोध को स्वीकार करते हुए ईरान के खिलाफ 'रक्षात्मक' हमलों के लिए ब्रिटेन के सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल की अनुमति दी है।
उधर, खाड़ी देशों ने भी ईरानी हमलों से अपनी रक्षा करने का संकल्प लिया है। उन्होंने जरूरत पड़ने पर 'आक्रामकता का जवाब देने' की बात कही है। हालांकि अमेरिकी प्रशासन ने अब तक इस सैन्य कार्रवाई के बाद की स्पष्ट 'डे-आफ्टर' रणनीति का खुलासा नहीं किया है। Edited by : Sudhir Sharma