मोदी 26 मई से पहले चीन की यात्रा करेंगे : सुषमा

बीजिंग| पुनः संशोधित सोमवार, 2 फ़रवरी 2015 (15:04 IST)
बीजिंग। विदेश मंत्री ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस साल 26 मई से पहले अपनी प्रथम यात्रा करेंगे जिसका लक्ष्य नतीजा हासिल करना होगा।
 
सुषमा ने कई मुद्दों पर अपने चीनी समकक्ष के साथ वार्ता की और इस बात पर जोर दिया कि संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए सीमा पर शांति और स्थिरता एक आवश्यक शर्त है।> > पिछले साल पदभार संभालने के बाद चीन की अपनी प्रथम यात्रा पर आईं 62 वर्षीय विदेश मंत्री ने कहा कि भाजपा नीत सरकार के 1 साल पूरा करने से पहले प्रधानमंत्री यह यात्रा करेंगे।
सुषमा ने अपने चीनी समकक्ष वांग ई के साथ लंबी वार्ता के बाद संबोधित करते हुए कहा कि सिक्किम के रास्ते तिब्बत में कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए दूसरे मार्ग को खोले जाने को अंतिम रूप दे दिया गया है।

दोनों देशों ने ‘नोट’ (दस्तावेज) का आदान-प्रदान किया जिसके तहत तीर्थयात्रियों का पहला जत्था इस साल जून से इस मार्ग के जरिए यात्रा करेगा। वांग के साथ उनकी वार्ता 2 घंटे से अधिक समय तक चली जिसके बाद रात्रिभोज हुआ। उन्होंने सीमा मुद्दे के हल के प्रस्ताव पर चर्चा की जिसे दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधि देख रहे हैं।

सुषमा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग मजबूत इच्छाशक्ति वाले नेता हैं और दोनों लोग लीक से हटकर सोचते हैं। प्रधानमंत्री मोदी की नतीजे देने वाली यात्रा के दौरान वे विवाद का हल ढूंढ सकते हैं।

दोनों पक्ष इस बात पर राजी हुए कि सीमा विवाद का हल भविष्य की पीढ़ी पर नहीं छोड़ा जाना चाहिए। इससे पहले दिन के वक्त सुषमा ने इंडिया-चाइना मीडिया फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि पेचीदा सीमा मुद्दे के शीघ्र हल के लिए प्रतिबद्ध है।

सुषमा ने एशियाई सदी के साझा सपने को साकार करने के लिए एक 6 सूत्री कार्यक्रम का प्रस्ताव किया। उन्होंने कहा कि हमारा संबंध आज एक ऐसे स्तर पर पहुंच गया है, जहां हम उन क्षेत्रों में बातचीत कर रहे हैं जिसके बारे में कुछ साल पहले तक कल्पना नहीं की जा सकती थी। हमने रक्षा संबंध को स्थापित करने और बढ़ाने की दिशा में अहम प्रगति की है।

सुषमा ने काफी समय से लंबित सीमा मुद्दे का जिक्र करते हुए कहा कि वे वहां शांति और स्थिरता कायम रखने में योगदान देंगे, जो हमारे संबंधों को आगे ले जाने के लिए एक पूर्व शर्त है। सीमा मुद्दे के सवाल पर उन्होंने कहा कि मेरी सरकार शीघ्र हल का रास्ता तलाशने के लिए प्रतिबद्ध है। वांग के साथ बैठक में उन्होंने द्विपक्षीय मुद्दों पर गहराई से चर्चा की।

मोदी की यात्रा की तैयारियों के लिए सुषमा की यात्रा का उद्देश्य 18वें दौर की सीमा वार्ता को गति देना भी है जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल विशेष प्रतिनिधि के तौर पर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

सुषमा ने कहा कि वांग ने सीमा वार्ता के अगले दौर के लिए एक संभावित तारीख पर चर्चा की। वे  मंगलवार को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगी। शी ने सितंबर में भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के साथ अहम बैठक की थी।

कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए दूसरे मार्ग के खुल जाने पर इससे भारतीय तीर्थयात्रियों को लाभ होने की उम्मीद है। यह मार्ग सिक्किम में नाथूला दर्रे से शुरू होता है। लिपुलेख दर्रे से होते हुए मौजूदा मार्ग उत्तराखंड में 2013 में आई बाढ़ से बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था।

इस साल शुरू में 250 लोग 5 जत्थों में यात्रा करेंगे जबकि 900 अन्य पुराने मार्ग से यात्रा करेंगे। (भाषा)




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