ओरलैंडो हमला : किसने क्या कहा...

वाशिंगटन| Last Updated: मंगलवार, 14 जून 2016 (12:12 IST)
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वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने सोमवार को कहा कि ओरलैंडो के समलैंगिक क्लब में 49 लोगों की हत्या करने वाला बंदूकधारी 'इंटरनेट पर प्रसारित चरमपंथ से संबंधी जानकारियों' से प्रेरित था, लेकिन उसके आईएसआईएस की व्यापक साजिश का हिस्सा होने के संकेत नहीं हैं। ओबामा ने इसे 'घर में पैदा हुए आतंकवाद' का स्पष्ट उदाहरण बताया।
अमेरिकी खुफिया एजेंसी के साथ सुबह संक्षिप्त बैठक के बाद ओबामा ने संवाददाताओं से कहा, 'ऐसा प्रतीत होता है कि हमलावर इंटरनेट पर प्रसारित विभिन्न चरमपंथ से संबंधी जानकारियों से प्रेरित था।' 
 
एफबीआई ने कहा है कि उमर देश में ही पला, बढ़ा कट्टर आतंकवादी था, जिसने इंटरनेट पर कट्टरता फैला रखी थी। एफबीआई ने कहा कि वह इस्लामिक स्टेट आतंकवादी समूह सहित किसी भी विदेशी वैश्विक आतंकवादी नेटवर्क का सदस्य नहीं था। फ्लोरिडा प्रांत के ओरलैंडो स्थित एक गे क्‍लब में हुए आतंकवादी हमले के बाद रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति पद के संभावित उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के आव्रजन नीति  की आलोचना करते हुए कहा कि अगर वह सत्ता में आते हैं तो 'ऐसे देशों के लोगों को अमेरिका में प्रवेश पर रोक लगायेंगे जिन देशों में 'पश्चिमी देशों के खिलाफ आतंकवाद पनपने का इतिहास' रहा है।
 
एजेंसी की खबरों के बीच मतीन के पिता ने सोमवार को कहा कि उसका बेटा जो साजिश रच रहा था, अगर उस बारे में उसे एक प्रतिशत भी भनक मिलती तो वह खुद अपने बेटे को पुलिस और एफबीआई को सौंप देता।
 
आतंकी हमले का संदिग्ध हमलावर उमर मतीन विश्व की सबसे बड़ी कंपनी जी4एस में काम करता था और कंपनी ने दो बार उसकी जांच कराई थी जिसमें उसके खिलाफ कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला था।
              
कंपनी की एक प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा कि मतीन को 2007 में जी4एस में बतौर सुरक्षा अधिकारी की नौकरी पर रखते समय कंपनी ने उसकी जांच कराई थी जिसमें उसके खिलाफ कोई आपत्तिजनक मामला नहीं मिला था। 
             
उन्होंने कहा, 'वह फ्लोरिडा का निवासी था और उसके माता-पिता अफगानिस्तान से आकर यहां बसे थे। मतीन 10 सितंबर 2007 से ही इस कंपनी में काम करता था और वह ड्यूटी के दौरान हमेशा से अपने पास बंदूक रखा करता था।'
              
इस बीच उमर मतीन की पूर्व पत्नी सितोरा यूसुफई ने बताया कि वह मानसिक रूप से बीमार और गुस्सैल प्रवृति का होने के बाद भी वह पुलिस अधिकारी बनना चाहता था। उसका वैवाहिक जीवन सिर्फ चार महीने ही चला जिस दौरान उसे बार-बार मतीन के गुस्से का शिकार होना पड़ा। उन्होंने कहा, 'परिवार के सदस्यों की मदद से मैं वहां से निकल पाई और बाद में हमारा तलाक हो गया।' (भाषा) 
       
 



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