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Last Updated : रविवार, 26 अप्रैल 2026 (17:29 IST)

दबाव में नहीं आएगा तेहरान, धमकियों के आगे नहीं झुकेगा, अमेरिका से वार्ता पर बोले ईरानी राष्ट्रपति

Iranian President Pezeshkian's Statement Regarding Talks with US
Iran-US Ceasefire Talks : संघर्ष विराम और कूटनीतिक प्रयासों के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने खाड़ी देशों के साथ रिश्ते मजबूत करने पर जोर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने दोहराया कि वो किसी की धमकियों और दबाव के आगे झुक कर शांति वार्ता में शामिल नहीं होंगे।  पश्चिम एशिया में 28 फरवरी से शुरू हुआ जंग फिलहाल युद्धविराम की छांव में है। अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत का प्रयास अप्रत्यक्ष रूप से किया जा रहा है। इसी बीच ईरानी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान में तमाम नेताओं से मुलाकात के बाद वापस तेहरान लौट गया है। पेजेश्कियन ने यह बात पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ फोन पर हुई बातचीत के दौरान कही। इस बातचीत में उन्होंने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह बातचीत और युद्धविराम (सीजफायर) के दौरान लगातार समझौतों का उल्लंघन और दबाव की नीति अपना रहा है।
 

ईरानी प्रतिनिधिमंडल वापस तेहरान लौटा

संघर्ष विराम और कूटनीतिक प्रयासों के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने खाड़ी देशों के साथ रिश्ते मजबूत करने पर जोर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने दोहराया कि वो किसी की धमकियों और दबाव के आगे झुक कर शांति वार्ता में शामिल नहीं होंगे।  पश्चिम एशिया में 28 फरवरी से शुरू हुआ जंग फिलहाल युद्धविराम की छांव में है। अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत का प्रयास अप्रत्यक्ष रूप से किया जा रहा है। इसी बीच ईरानी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान में तमाम नेताओं से मुलाकात के बाद वापस तेहरान लौट गया है। पेजेश्कियन ने यह बात पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ फोन पर हुई बातचीत के दौरान कही।

टकराव की स्थिति के गंभीर परिणाम हो सकते हैं

इस बातचीत में उन्होंने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह बातचीत और युद्धविराम (सीजफायर) के दौरान लगातार समझौतों का उल्लंघन और दबाव की नीति अपना रहा है। ईरान के राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका द्वारा लगाए गए समुद्री प्रतिबंध अंतरराष्ट्रीय समझौतों और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन हैं। न्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाइयां और धमकी भरे बयान शांति प्रक्रिया पर भरोसे को कमजोर करते हैं।

पेजेश्कियान ने यह भी कहा कि ईरान अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और अमेरिका या इस्राइल की किसी भी नई टकराव की स्थिति के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। शनिवार को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ एक महत्वपूर्ण टेलीफोन वार्ता में पेजेशकियान ने जोर देकर कहा कि ईरान को दबाव या धमकियों के माध्यम से किसी समझौते के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।

सीजफायर के दौरान भी यूनाइटेड स्टेट्स नियमों का उल्लंघन करता रहा

सीजफायर को लेकर जारी वार्ता के बीच पेजेश्कियन ने कहा कि वार्ता और सीजफायर के दौरान भी यूनाइटेड स्टेट्स नियमों का उल्लंघन करता रहा; ये बर्ताव उनके बलपूर्वक सब कुछ हासिल करने की प्रवृत्ति को दर्शाता है, और हम इसकी आलोचना करते हैं। उन्होंने कहा कि ईरान पर वाशिंगटन के तथाकथित समुद्री प्रतिबंधों से जुड़े काम सीजफायर संबंधी नियमों का साफ उल्लंघन हैं और यूनाइटेड नेशंस चार्टर के खिलाफ हैं।

उन्होंने कहा कि इस तरह के उपायों और धमकी भरे बयानों ने कूटनीतिक प्रयासों को लेकर यूएस की मंशा के प्रति सशंकित कर दिया है। पेजेश्कियन ने कहा कि ईरान आपसी सम्मान के आधार पर फारस की खाड़ी के दक्षिणी किनारे के देशों सहित सभी पड़ोसी देशों के साथ रिश्ते बनाने और उन्हें मजबूत करने के लिए तैयार है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि ये देश बाहरी दखल के बिना, इलाके में शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करेंगे। ये बातचीत ऐसे दौर में हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित संघर्ष विराम को लेकर वार्ता ठप पड़ गई है। राष्ट्रपति पेजेशकियान ने इस बात पर जोर दिया कि शांति के मार्ग में मुख्य बाधा संवाद की कमी नहीं, बल्कि वॉशिंगटन द्वारा वर्तमान में की जा रही शत्रुतापूर्ण कार्रवाई हैं।
 

ईरान जब भी चाहे फोन कर सकता है

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूतों की पाकिस्तान यात्रा रद्द कर दी है। ये दूत ईरान के साथ शांति वार्ता के लिए इस्लामाबाद जाने वाले थे। ट्रंप ने अपने दूतों की पाकिस्तान यात्रा रद्द करने के फैसले का बचाव करते हुए कहा, ईरान का प्रस्ताव उम्मीद के मुताबिक नहीं था। ट्रंप ने कहा कि जब भी ईरान चाहे, उन्हें फोन कर सकता है। उन्होंने दावा किया कि सारे पत्ते अमेरिका के हाथ में हैं और उन्होंने सब कुछ जीत लिया है। ट्रंप ने साफ किया कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि ईरान ने बहुत कुछ देने की पेशकश की है, लेकिन वह अभी काफी नहीं है।
इससे पहले ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा था कि तेहरान ने संघर्ष को स्थायी रूप से समाप्त करने के लिए पाकिस्तानी नेतृत्व के साथ एक वर्केबल फ्रेमवर्क (व्यवहार्य ढांचा) साझा किया है, जबकि उन्होंने कूटनीति के प्रति अमेरिकी प्रतिबद्धता पर सवाल उठाया था। ईरानी प्रतिनिधिमंडल बाद में मांगों की आधिकारिक सूची सौंपकर इस्लामाबाद से चला गया, जिससे तनाव जारी रहने के कारण पाकिस्तान को मध्यस्थता के प्रयासों पर कोई सफलता नहीं मिली है।
Edited By : Chetan Gour
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