क्या भारत से दोस्ती सिर्फ दिखावा है, चीन ने पाकिस्तान को सौंपी हंगोर श्रेणी की तीसरी पनडुब्बी
China-Pakistan relations News : चीन ने पाकिस्तान को सौंपी जाने वाले 8 नई उन्नत हंगोर-श्रेणी की पनडुब्बियों में से तीसरी पनडुब्बी उसे सौंप दी है। बीजिंग का यह कदम इस्लामाबाद की नौसैनिक ताकत को उन्नत करके भारत के निकटवर्ती क्षेत्र हिंद महासागर में पाकिस्तान की बढ़ती उपस्थिति को समर्थन देने के चीन के प्रयासों का हिस्सा है। चीन द्वारा पाकिस्तान के लिए बनाई जा रही 8 पनडुब्बियों में से दूसरी पनडुब्बी इस साल मार्च में सौंपी गई थी। हंगोर-श्रेणी की तीसरी पनडुब्बी का जलावतरण समारोह बृहस्पतिवार को मध्य चीन के हुबेई प्रांत के वुहान में आयोजित किया गया। यह आपूर्ति अरब सागर में चीनी नौसेना के निरंतर विस्तार के बीच पाकिस्तान की नौसैनिक ताकत को बढ़ाने के उसके प्रयासों का हिस्सा है।
चीन के सरकारी समाचार पत्र ग्लोबल टाइम्स ने शनिवार को बताया कि हंगोर-श्रेणी की तीसरी पनडुब्बी का जलावतरण समारोह बृहस्पतिवार को मध्य चीन के हुबेई प्रांत के वुहान में आयोजित किया गया। चीन द्वारा पाकिस्तान के लिए बनाई जा रही आठ पनडुब्बियों में से दूसरी पनडुब्बी इस साल मार्च में सौंपी गई थी।
यह उन चार आधुनिक नौसैनिक लड़ाकू पोत के अतिरिक्त हैं जिन्हें चीन ने पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान को दिया है। यह आपूर्ति अरब सागर में चीनी नौसेना के निरंतर विस्तार के बीच पाकिस्तान की नौसैनिक ताकत को बढ़ाने के उसके प्रयासों का हिस्सा है, जहां वह बलूचिस्तान में ग्वादर बंदरगाह का विकास करने के साथ-साथ हिंद महासागर में भी विकास कर रहा है।
समाचार पत्र में पाकिस्तान के रक्षा विभाग के एक बयान के हवाले से बताया कि तीसरी पनडुब्बी के जलावतरण के अवसर पर पाकिस्तान के उप नौसेना प्रमुख प्रोजेक्ट-2 वाइस एडमिरल अब्दुल समद ने कहा कि हंगोर श्रेणी की पनडुब्बी के अत्याधुनिक हथियार और उन्नत सेंसर क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को बनाए रखने और समुद्री स्थिरता सुनिश्चित करने में सहायक होंगे।
स्टॉकहोम अंतरराष्ट्रीय शांति अनुसंधान संस्थान (सिपरी) की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने पाकिस्तान के 81 प्रतिशत से अधिक सैन्य हार्डवेयर की आपूर्ति की है। एसआईपीआरआई (सिपरी) के डेटाबेस के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में पाकिस्तान की ओर से दिए गए कुछ प्रमुख ऑर्डर में देश का पहला जासूसी जहाज (रिजवान), 600 से अधिक वीटी-चार युद्धक टैंक और 36 जे-10 सीई साढ़े चार-पीढ़ी के लड़ाकू विमान शामिल हैं।
चीन ने 2022 में पाकिस्तानी वायुसेना को बहुउद्देशीय जे-10सीई लड़ाकू विमानों की पहली खेप सौंपी थी जो दोनों देशों द्वारा संयुक्त रूप से निर्मित जेएफ-17 लड़ाकू विमानों के अतिरिक्त है। पाकिस्तान ने भारत के साथ हालिया संघर्ष में इन लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया था।
चीनी सैन्य मामलों के विशेषज्ञ झांग जुनशे ने ग्लोबल टाइम्स को बताया कि हंगोर श्रेणी की पनडुब्बी की विशेषता इसकी पानी के नीचे मजबूत लड़ाकू क्षमता है जिनमें व्यापक सेंसर प्रणाली, उत्कृष्ट स्टील्थ विशेषताएं, उच्च गतिशीलता, एक बार ईंधन भरने के बाद लंबे समय तक जल के नीचे रहने की क्षमता और भीषण मारक क्षमता शामिल है। (भाषा)
Edited By : Chetan Gour