पाकिस्तान के इस कदम से नाराज हुआ अमेरिका...

वॉशिंगटन| Last Updated: बुधवार, 24 अगस्त 2016 (12:47 IST)
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वॉशिंगटन। द्वारा एमक्यूएम के प्रमुख के खिलाफ उनके कथित भड़काऊ भाषण के लिए राजद्रोह का मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद अमेरिका ने कहा है कि लोकतंत्र में गंभीर विचारों को प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए न कि दबाया जाना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि बंटवारे के समय भारत से पाकिस्तान गए मुसलमानों का संगठन है मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट। इन मुसलमानों को पाकिस्तान में किसी भी प्रकार के संवैधानिक अधिकार प्राप्त नहीं है। ये मुसलमान गरीबी और बदहाली का जीवन गुजार रहे हैं।
 
विदेश मंत्रालय के उप प्रवक्ता मार्क टोनर ने बताया, 'मैं सिर्फ यह कहना चाहूंगा कि लोकतांत्रिक समाज में गंभीर विचारों को प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए न कि दबाया जाना चाहिए। हमारा मानना है कि समाज में विविधतापूर्ण विचारों को व्यक्त करने की स्वतंत्रता से लोकतंत्र मजबूत होता है और हम इस बात पर जोर देंगे कि कोई भी अभिव्यक्ति शांतिपूर्ण हो।
 
मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम) के नेताओं की गिरफ्तारी से जुड़े सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल के सदस्यों को हिरासत में रखे जाने या गिरफ्तार किए जाने पर अमेरिका हमेशा ही चिंतित रहा है।
 
टोनर ने कहा कि हम जनसभा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (जब तक यह शांतिपूर्ण हो) के महत्व को मानते हैं। हम जोर देना चाहेंगे कि किसी भी तरह के विरोध, किसी भी तरह के प्रदर्शन को शांतिपूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए। इसलिए, मेरी राय में हम अभी भी उस बारे में सूचनाएं एकत्र कर रहे हैं जो कुछ हुआ है। समय आने पर ही हम कुछ कह पाएंगे।
 
एमक्यूएम प्रमुख अल्ताफ हुसैन पर मंगलवार को उनके उस भड़काऊ भाषण के लिए राजद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया जिसमें पार्टी कार्यकर्ताओं को मीडिया प्रतिष्ठानों पर हमले के लिए उकसाया गया है। उन पर उस प्रदर्शन रैली में पाकिस्तान विरोधी नारे लगाने का भी आरोप है जिसमें हिंसा हुई थी।
 
एमक्यूएम कराची में दशकों से एकमात्र अकेली बड़ी पार्टी है और राष्ट्रीय तथा प्रांतीय चुनावों में उसका खासा असर रहा है। लेकिन केंद्र के आदेश पर राजनीतिक सफाई अभियान शुरू होने के बाद से पार्टी गहरे दबाव में आ गई है। (भाषा) 



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