कौन थे अली लारीजानी, सबसे प्रभावशाली नेता की मौत ईरान की राजनीति के लिए कितना बड़ा नुकसान?
इजराइली हमले में ईरान के सबसे प्रभावशाली नेता माने जाने वाले अली लारीजानी की मौत से इस युद्धग्रस्त देश को बड़ा झटका लगा है। अयातुल्ला खामेनेई के बाद लारीजानी की मौत को ईरान की राजनीति के लिए बेहद नुकसानदायक माना जा रहा है। बहरहाल लारीजानी की मौत के बाद ईरान बदले की आग में धधक रहा है। उसने इजराइल के साथ खाड़ी देशों में भी हमले तेज कर दिए हैं।
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मौत का बदला लेगा ईरान
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख अली लारीजानी की इजरायली हवाई हमले में मौत की आधिकारिक पुष्टि हो गई है। इस हमले में उनके बेटे अली रजा बियान भी मारे गए। ईरान ने लारीजान को इस्लामी गणराज्य की सेवा करने वाला शहीद बताया।
परिषद ने एक बयान में कहा, शहीदों की पवित्र आत्माओं ने ईश्वर के सेवक, शहीद डॉ. अली लारीजानी की पवित्र आत्मा को गले लगा लिया। ईरान ने कहा कि लारीजानी की मौत से बदला लेने की उसकी इच्छाशक्ति दोगुनी हुई।
कौन थे अली लारीजानी
लारीजानी को इस्लामी गणराज्य के सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों में से एक माना जाता था। वे ईरान के सबसे प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवारों में से आते थे। उनके भाई सादेक लारीजानी न्यायपालिका प्रमुख के पद पर रहे, जबकि मोहम्मद जवाद लारिजानी विदेश नीति के वरिष्ठ सलाहकार थे। लारीजानी के बेटे अली रजा बियान ईरान काउंसिल के उपाध्यक्ष थे।
लारीजानी ने साल 2005 में राष्ट्रपति का चुनाव लड़ा, लेकिन वो सफल नहीं हो पाए। साल 2008 से 2020 तक वो संसद के अध्यक्ष पद पर रहे थे।
अयातुल्लाह अली खामेनेई के करीबी सलाहकार रहे लारीजानी ईरान के डी-फैक्टो नेता के रूप में उभरे थे और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी के तौर पर देश की सुरक्षा नीतियों और विदेश मामलों में अहम भूमिका निभा रहे थे। ईरान की राजनीति में राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान की तुलना में लारीजानी को अधिक प्रभावशाली माना जाने लगा था।
edited by : Nrapendra Gupta