समुद्र के 10 रहस्य, जानकर दंग रह जाएंगे

अनिरुद्ध जोशी|
समुद्र को सागर, पयोधि, उदधि, पारावार, नदीश, जलधि, सिंधु, रत्नाकर, वारिधि आदि नामों से भी पुकारा जाता है। अंग्रेजी में  इसे सी (sea) कहते और महाको ओशन (ocean) कहते हैं। 
ब्रह्मांड में धरती धूल का कण भी नहीं। मान लो अगर धरती धूल के कण के बराबर है तो सूर्य संतरे के बराबर होगा। आज भी इस धरती पर 70 प्रतिशत से अधिक जल है। धरती के वजन से 10 गुना ज्यादा इस धरती ने जल को वहन कर रखा है। मानव आबादी धरती के मात्र 20 से 25 प्रतिशत हिस्से पर रहती है उसमें भी अधिकतर पर जंगल, रेगिस्तान, पहाड़ और नदियां हैं। इस 20 से 25 प्रतिशत हिस्से पर ही रहस्यों के अंबार लगे हुए हैं। ऐसे में समुद्र के 70 से 75 प्रतिशत हिस्सों को तो अभी मानव संपूर्ण रूप से देख भी नहीं पाया है। प्राचीनकाल से लोग सागर की यात्रा करने और इसके रहस्यों को जानने की कोशिश में लगे हुए हैं।
 
मात्र खारा पानी नहीं : पृथ्वी की सतह के 70 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र में फैले समुद्र मूलत: खारे पानी का एक सतत निकाय हैं अर्थात इसका पानी पीने लायक जरा भी नहीं होता। कुछ देर इसमें नहाने के बाद आपका बदन चिपचिपा हो जाएगा। मनुष्य ज्यादा समय तक समुद्र के पानी में नहीं रह सकता। हालांकि इसके लिए उसने समुद्री सूट विकसित कर लिए हैं। फिर भी कहना होगा कि कुछ सागर का पानी मात्र खारा ही नहीं है कहीं-कहीं वह मीठा है, लेकिन पीने लायक नहीं। 
 
कितने हैं समुद्र? पहले एक ही समुद्र था, फिर 3 हो गए और अब कई हैं। समुद्र को 'सागर' भी कहते हैं। सागरों से बड़े महासागर होते हैं और 3 ओर से घिरे समुद्र को खाड़ी कहते हैं। हालांकि सभी महासागर एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।
 
1. महासागर : पृथ्वी का वह भाग, जो विशाल जलराशि (लवणीय जल) से घिरा हुआ है, महासागर कहलाता है। पृथ्वी का 70 प्रतिशत भाग महासागरों से घिरा है। प्रशांत महासागर, अटलांटिक महासागर, हिन्द महासागर, आर्कटिक महासागर तथा दक्षिणी महासागर कुल 5 महासागर हैं। प्रशांत महासागर तथा अटलांटिक महासागर का विस्तार उत्तरी गोलार्द्ध तथा दक्षिणी गोलार्द्ध दोनों जगह है इसलिए भूमध्य रेखा के उत्तर में स्थित उत्तरी प्रशांत महासागर तथा दक्षिण में स्थित दक्षिणी प्रशांत महासागर स्थित हैं। इस प्रकार कुल मिलाकर 7 महासागर या 7 समंदर हैं। उल्लेखनीय है कि अंटार्कटिका में बर्फीली जमीन के अंदर 400 से ज्यादा झीलें हैं।
 
2. सागर : लवणीय जल का वह बड़ा क्षेत्र, जो महासागर से जुड़ा हुआ हो, 'सागर' कहलाता है। कैस्पियन सागर सागर, मृत सागर, लाल सागर, उत्तर सागर, लापतेव सागर, भूमध्य सागर आदि अनेक।
 
3. गल्फ : जल का वह भाग, जो तीन तरफ स्थल भाग से घिरा हुआ हो, उसे 'गल्फ' कहते हैं। गल्फ व खाड़ी लगभग समानार्थी शब्द हैं। अरब की खाड़ी और बंगाल की खाड़ी का नाम ज्यादा प्रसिद्ध है। 
 
हिन्दू शास्त्रों में समुद्र को 7 भागों में बांटा गया है- लवण का सागर, इक्षुरस का सागर, सुरा का सागर, घृत का सागर, दधि का सागर, क्षीर का सागर और मीठे जल का सागर। भारत के 3 ओर समुद्र है। आंध्रप्रदेश, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, गोवा, गुजरात, केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, दमन और दीव तथा लक्षद्वीप समूह भारत के समुद्र तटवर्ती राज्य हैं। आओ जानते हैं धरती के समुद्रों के 10 रहस्यों के बारे में रोचक और रोमांचक जानकारी...
 
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