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बोकोहरम के डर से कमिश्नर पिता ने इंदौर भेजा था बेटे को, अब दो प्रेमिकाओं को छोड़कर नाइजीरिया लौटा डॉन पेड्रो
नाइजीरिया मूल का नाम डॉन पेड्रो चार्लिस आखिरकार अपने देश नाइजीरिया लौट गया है। वो पिछले 3 साल से इंदौर में बगैर वीजा के रह रहा था और एक बीपीओ कंपनी में काम कर रहा था। इंदौर में उसकी दो प्रेमिकाएं हैं जो यही रहती हैं।
दरअसल, नाइजीरियन युवक डॉन पेड्रो चार्लिस इंदौर में एक बीपीओ कंपनी में काम करता था। उसे हीरा नगर पुलिस ने 17 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया था। वो पिछले 3 साल से बगैर वीजा के इंदौर में रहा रहा था। डॉन पेड्रो चार्लिस अब अपने देश नाइजीरिया पहुंच चुका है।
बता दें कि हीरानगर पुलिस ने डॉन पेड्रो चार्लिस को सनसिटी क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। वह मूल रूप से नाइजीरिया का निवासी है और कई साल पहले इंदौर आकर रह रहा था। 2023 में उसका वीजा समाप्त हो गया था, लेकिन उसने इसकी जानकारी किसी विभाग को नहीं दी थी। पुलिस की जांच में सामने आया कि बोको हराम आतंकी संगठन के खतरे के कारण उसके पिता ने डॉन को भारत में रहने के लिए भेज दिया था। उसके पिता ने अपने अन्य बच्चों को भी अलग-अलग देशों में भेजा है। डॉन पेड्रो भारत आया था, जबकि उसके अन्य भाई पुर्तगाल, यूके और अन्य देशों में रहते हैं। पुलिस ने बताया कि डॉन के पिता डॉन चार्ल्स नाइजीरिया के कोर्ट होसकोरच शहर में पुलिस कमिश्नर हैं।
कॉल सेंटर में करता था काम : जांच में सामने आया कि डॉन पेड्रो इंदौर की एक बीपीओ कंपनी में काम कर रहा था। लसूडिया पुलिस को पहले उसकी जानकारी नहीं मिली थी। पुलिस ने उसे तब पकड़ा जब वह अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने आया था। पूछताछ में डॉन पेड्रो ने बताया कि बेंगलुरु के एक व्यक्ति ने वीजा बढ़ाने के नाम पर उससे पैसे लिए थे। उसने ऑनलाइन एक पीडीएफ भेजी थी, लेकिन जांच में वह दस्तावेज फर्जी निकला और वीजा की अवधि नहीं बढ़ी। बताया जा रहा है कि इंदौर में डॉन पेड्रो की दो गर्लफ्रेंड हैं। जिन्हें वो यहीं छोड़ गया है।
क्या बताया पुलिस ने : डीसीपी राजेश व्यास के निर्देश पर टीआई सुशील पटेल ने डॉन पेड्रो की पारिवारिक जानकारी जुटाई। जांच में पता चला कि उसके पिता कमिश्नर हैं और बोको हरम जैसे आतंकी संगठन से अपने परिवार को सुरक्षित रखने के लिए उन्होंने अपने बच्चों को विदेशों में रहने के लिए भेज दिया था। पुलिस ने विदेशी नागरिकों की जानकारी रखने वाली यूनिट को सूचना दी थी। इसके बाद टिकट की व्यवस्था कर उसे 1 मार्च को नाइजीरिया भेज दिया गया।
Edited By: Naveen R Rangiyal
दरअसल, नाइजीरियन युवक डॉन पेड्रो चार्लिस इंदौर में एक बीपीओ कंपनी में काम करता था। उसे हीरा नगर पुलिस ने 17 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया था। वो पिछले 3 साल से बगैर वीजा के इंदौर में रहा रहा था। डॉन पेड्रो चार्लिस अब अपने देश नाइजीरिया पहुंच चुका है।
बता दें कि हीरानगर पुलिस ने डॉन पेड्रो चार्लिस को सनसिटी क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। वह मूल रूप से नाइजीरिया का निवासी है और कई साल पहले इंदौर आकर रह रहा था। 2023 में उसका वीजा समाप्त हो गया था, लेकिन उसने इसकी जानकारी किसी विभाग को नहीं दी थी। पुलिस की जांच में सामने आया कि बोको हराम आतंकी संगठन के खतरे के कारण उसके पिता ने डॉन को भारत में रहने के लिए भेज दिया था। उसके पिता ने अपने अन्य बच्चों को भी अलग-अलग देशों में भेजा है। डॉन पेड्रो भारत आया था, जबकि उसके अन्य भाई पुर्तगाल, यूके और अन्य देशों में रहते हैं। पुलिस ने बताया कि डॉन के पिता डॉन चार्ल्स नाइजीरिया के कोर्ट होसकोरच शहर में पुलिस कमिश्नर हैं।
क्या बताया पुलिस ने : डीसीपी राजेश व्यास के निर्देश पर टीआई सुशील पटेल ने डॉन पेड्रो की पारिवारिक जानकारी जुटाई। जांच में पता चला कि उसके पिता कमिश्नर हैं और बोको हरम जैसे आतंकी संगठन से अपने परिवार को सुरक्षित रखने के लिए उन्होंने अपने बच्चों को विदेशों में रहने के लिए भेज दिया था। पुलिस ने विदेशी नागरिकों की जानकारी रखने वाली यूनिट को सूचना दी थी। इसके बाद टिकट की व्यवस्था कर उसे 1 मार्च को नाइजीरिया भेज दिया गया।
Edited By: Naveen R Rangiyal
