dharma sangrah
✕

बिन मांगी मुराद पूरी करते हैं भारत के महान संत दादा धूनीवाले

Updated: शुक्रवार, 1 दिसंबर 2017 (12:39 IST)
दादाजी धूनीवाले की गिनती भारत के महान संतों में की जाती है। दादाजी धूनीवाले का अपने भक्तों के बीच वही स्थान है जैसा कि शिर्डी के सांईबाबा का। उनका समाधि स्थल खंडवा शहर में है। 
 
दादाजी (स्वामी केशवानंदजी महाराज) एक बहुत बड़े संत थे और लगातार घूमते रहते थे। प्रतिदिन दादाजी पवित्र अग्नि (धूनी) के समक्ष ध्यानमग्न होकर बैठे रहते थे, इसलिए लोग उन्हें दादाजी धूनीवाले के नाम से स्मरण करने लगे। दादाजी धूनीवाले को शिव का अवतार मानकर पूजा जाता है और कहा जाता है कि उनके दरबार में आने से बिन मांगी दुआएं भी पूरी हो जाती हैं।
 
दादाजी का जीवन वृत्तांत प्रामाणिक रूप से उपलब्ध नहीं है, परंतु उनकी महिमा का गुणगान करने वाली कई कथाएं प्रचलित हैं। दादाजी का दरबार उनके समाधि स्थल पर बनाया गया है। देश-विदेश में दादाजी के असंख्य भक्त हैं। दादाजी के नाम पर भारत और विदेशों में सत्ताईस धाम मौजूद हैं। इन स्थानों पर दादाजी के समय से अब तक निरंतर धूनी जल रही है। सन् 1930 में दादाजी ने खंडवा शहर में समाधि ली। यह समाधि रेलवे स्टेशन से 3 किमी की दूरी पर है।
 
राजस्थान के डिडवाना गांव में एक समृद्ध परिवार के सदस्य भंवरलाल दादाजी से मिलने आए। मुलाकात के बाद भंवरलाल ने अपने आपको धूनीवाले दादाजी के चरणों में समर्पित कर दिया। भंवरलाल शांत प्रवृत्ति के थे और दादाजी की सेवा में लगे रहते थे। दादाजी ने उन्हें अपने शिष्य के रूप में स्वीकार किया और उनका नाम हरिहरानंद रखा।
 
हरिहरानंदजी को भक्त छोटे दादाजी नाम से पुकारने लगे। दादाजी धूनीवाले की समाधि के बाद हरिहरानंदजी को उनका उत्तराधिकारी माना जाता था। हरिहरानंदजी ने बीमारी के बाद सन् 1942 में महानिर्वाण को प्राप्त किया। छोटे दादाजी की समाधि बड़े दादाजी की समाधि के पास स्थापित की गई।
 
कैसे पहुंचे : यहां पहुंचने के लिए रेल मार्ग से खंडवा मध्य एवं पश्चिम रेलवे का एक प्रमुख स्टेशन है तथा भारत के हर भाग से यहां पहुंचने के लिए ट्रेन उपलब्ध है।

साथ ही इंदौर से 135 किमी, भोपाल 175 किमी के साथ-साथ रेल मार्ग तथा सड़क मार्ग से आप खंडवा पहुंच सकते हैं। यहां से सबसे नजदीकी हवाई अड्डा देवी अहिल्या एयरपोर्ट, इंदौर 140 किमी की दूरी पर स्थित है।
लेखक के बारे में
भीका शर्मा

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 08 अक्‍टूबर 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय

Karwa Chauth: करवा चौथ का व्रत कब रखा जाएगा? जानें पूजा की विधि, शुभ मुहूर्त और चन्द्रोदय का समय

गुरु का अश्लेषा नक्षत्र में गोचर, 12 राशियों पर पड़ेगा असर; जानें किसके लिए शुभ रहेगा समय

सर्वपितृ अमावस्या (पितृ पक्ष 2026): भूलकर भी न करें ये 10 कार्य, रुष्ट हो सकते हैं पितर

Sharad Purnima: कब है शरद पूर्णिमा? इस दिन किसकी होती है पूजा? चंद्रमा की रोशनी में क्‍यों रखते हैं खीर?

अगला लेख