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क्या आपके पीरियड्स भी अनियमित हैं?

Updated: शुक्रवार, 16 मार्च 2018 (15:18 IST)
जानिए अनियमित पीरियड्स को नियमित करने के उपाय...
 
महिलाओं में अनियमित पीरियड्स एक आम समस्या है। जब 13-14 साल में लड़की को पहली बार पीरियड्स आना शुरु होते हैं तब वे आमतौर पर नियमित नहीं होते हैं। लेकिन यदि 2 वर्ष बाद भी पीरियड्स नियमित ना हों तब यह समस्या की बात है। मेडिकल की भाषा में मासिक धर्म की अनियमिता को 'ओलिगोमेनोरहि' कहते हैं। सामान्यतौर पर 21-35 दिन के अंदर पीरियड्स आते हैं, जिन महिलाओं का पीरियड्स सायकल नियमित होता है उन्हें साल में 11 से 13 बार पीरियड्स आते हैं और जिनका अनियमित होता है, उन्हें साल में 6-7 पीरियड्स ही आते हैं। अनियमित पीरियड्स का अर्थ 2 पीरियड्स के बीच के अंतराल से है।
 
अगर आपके पीरियड्स अनियमित हैं तो इसकी कई वजह हो सकती हैं जैसे एनीमिया, थाइरोइड, हार्मोनल असंतुलन, लिवर की समस्या, डायबिटीज़, एक्सरसाइज को अचानक बढ़ा दिया हो, धूम्रपान, अल्कोहल, कैफीन को ज्यादा मात्रा में लेना, चिंता करना और गर्भ निरोधक पिल्स लेना।
 
पीरियड्स के शुरुआती दिनों में इसमें अनियमितता हो सकती है लेकिन कुछ सालों बाद यह अपने आप ही नियमित हो जाते हैं। लेकिन अगर आपके पीरियड्स अभी तक अनियमित हैं तो आइये जानते हैं इन्हें नियमित करने के कुछ आसान से घरेलु उपाय:
 
1. अदरक
 
पीरियड्स को नियमित करने के लिए अदरक बेहद लाभकारी होता है और इससे पीरियड्स के दौरान होने वाला दर्द भी कम हो जाता है। आधा चम्मच अदरक को पीस लें और 1 कप पानी में सात मिनट तक उबालें। अब इसमें थोड़ी शक्कर डालें और खाना खाने के बाद इसे दिन में 3 बार पिएं। ऐसा कम से कम 1 महीने तक करें।
 
2. कच्चा पपीता
 
हरा, कच्चा पपीता गर्भाशय ग्रीव में हड्डियों के फाइबर से जुड़कर पीरियड्स को नियमित रखता है। कुछ महीनों तक रोज़ कच्चे पपीते के ज्युस को पिएं इससे दर्द और चिंता भी कम होती है।
 
3. हल्दी
 
हल्दी शरीर में गर्मी पैदा करती है, आपके हार्मोन्स नियंत्रित और माहवारी नियमित करने में सहायता करती है। इसमें एंटीस्पास्मोडिक और एंटीइंफ्लेमेटरी तत्व होते हैं जो माहवारी के दर्द को कम करते हैं। एक चौथाई हल्दी को दूध, शहद या गुड़ के साथ ले। तब तक इसका सेवन करें जब तक आपको अपने आप में सुधार नहीं दिखाई देता।
 
4. सौंफ
 
सौंफ में एंटीस्पास्मोडिक तत्व पाये जाते हैं जो पीरियड्स को नियमित रखने में सहायक होते हैं। इसके साथ ही यह फीमेल सेक्स हार्मोन्स को भी नियंत्रित रखती हैं।
 
5. पुदीना(पेपरमिंट)
 
सूखे पुदीने और शहद का मिश्रण अनियमित पीरियड्स को नियमित करने के लिए एक बेहतर आयुर्वेदिक उपाय है। 1 चम्मच सूखे पुदीने के पाउडर को 1 चम्मच शहद में मिला कर लें।
 
6. गाजर का ज्युस
 
गाजर में भरपुर मात्रा में आयरन होती है, अनियमित पीरियड्स के लिए गाजर का ज्युस आपको पीना चाहिए। अनियमित पीरियड्स को नियमित करने के लिए आप 3 महीने तक रोज़ एक गिलास गाजर का ज्युस पिएं।
लेखक के बारे में
नम्रता जायसवाल

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