sundarkand
✕

होली आई...

- रश्मि रमानी

Written By WD
Updated: सोमवार, 3 मार्च 2014 (12:24 IST)

कुछ दिन पहले

लगभग ठूंठ हो चुके पेड़ पर

अचानक नजर पड़ी

तो

हैरान होकर मैंने पूछा

ये कैसे हुआ?

लाल-‍केसरिया पत्तियों की

तलियां पीट-पीटकर टेसू मुस्कुराया

' होली आई'।

हवा से ‍बतियाना चाहा

खुशी से मेरे गालों को सहलाकर

उसने कहा

फागुन आया।

इमली लगी लटालूम

आम के पक गए बौर

कोयल का स्वर गा रहा फाग

रसवंती रंगप्रिया के मन में

उमड़ आया गहरा अनुराग।

मैंने भी

बरसों पहले होली पर मिला

रंग का एक कतरा सहेजकर रखा है

आज तक।

हर बरस

रंग के समंदर में नहाती मैं

अपने आप से कहती हूं

' होली आई, होली आई'।


Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

Sharad Purnima: कब है शरद पूर्णिमा? इस दिन किसकी होती है पूजा? चंद्रमा की रोशनी में क्‍यों रखते हैं खीर?

संत प्रेमानंद महाराज बाबा से जुड़े 5 विवाद क्या है?

सूर्य-राहु का नवपंचम योग, इन 5 राशियों को मिलेगा विशेष लाभ; करियर और धन के नए अवसर

सूर्य-शनि का षडाष्टक योग, 5 राशियों की चमकेगी किस्मत; करियर और धन में मिल सकता है बड़ा लाभ

श्राद्धपक्ष 2026: पितरों को तर्पण न कर पाएं तो क्या होता है?