suvichar
✕

होली गीत : पढ़ें रंग-रंगीली होली के 2 गीत

Updated: मंगलवार, 7 मार्च 2017 (13:51 IST)
1. होली रंग बरसाना
- कैलाश यादव 'सनातन'


 
मीरा के मनभावन माधव, रूक्मा राज किए संग कान्हा,
होली रंग रंगा बरसाना, पग-पग राधा पग-पग कान्हा।
नीला,पीला, हरा, गुलाबी, सतरंगी अंबर होली का,
आओ मिलकर खुशियां बांटें, कष्टों की जल जाए होलिका।
 
जिनकी सजनी छूट गई है, हर होली उनकी बदरंगी,
जिनकी सजनी रूठ गई है, होली उन बिछुड़ों की संगी।
पग-पग नफरत, पग-पग विषधर,
आस्तीन नहीं है जिनकी, उनको भी डस लेते विषधर,
आओ मिलकर प्रेमरंग से, सबके मन का जहर बुझाए
अमृत भर दें नख से शिख तक, हर चेहरे पर रंगत लाएं,
कष्ट मिटाएं मानवता का, आओ गीत फाग के गाएं
मिलजुल कर हर चौराहे, रंगों का यह पर्व मनाएं॥
 
कहीं पे राधा,कहीं पे मीरा, कहीं पे रूक्मा मिलती है,
होली की है छटा निराली, हमको हर घर मिले हैं कान्हा,
मीरा के मनभावन माधव, रूक्मा राज किए संग कान्हा,
होली रंग रंगा बरसाना, पग-पग राधा पग-पग कान्हा।
 
***** 
 

2. मुबारक सबको होली
 

 
धनवानों की भरी है झोली, नित्य मनाते हैं दीवाली,
जिनके दिल में प्रेमभरा है,जेब रही है सदा से खाली,
हमने देखा वे मतवाले, हर फागुन में खेले होली॥
 
श्वेत-श्याम का मिटा दे अंतर,
गली-गली कान्हा मिल जाते
राधा दिखती सबके अंदर
जाति धर्म का भेद मिटा दे,हर चेहरा बनता रंगोली,
हमने देखा वे मतवाले, हर फागुन में खेले होली,
अंतर मन से करूं प्रार्थना, रहे मुबारक सबको होली।
अनेकता में एकता, हिंद की विशेषता,
इंद्रधनुष के रंग हैं कण-कण, रचियता खुद बिखेरता,
कायनात के मौसम सारे, कायनात की सारी ऋतुएं
यदि देखना हो तो आओ, हिंद ही सहेजता,
अनेकता में एकता, हिंद की विशेषता,
जिसने की है जग की रचना, सारे रंग भरे यहीं पर,
लगता है जग रचते-रचते, यहीं पे खेली उसने होली
अंतरमन से करूं प्रार्थना, रहे मुबारक सबको होली।

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

शारदीय नवरात्रि 2026: महाअष्टमी और महानवमी की तिथि, पूजा मुहूर्त एवं व्रत पारण

16 shradh paksha 2026: श्राद्ध पक्ष में चतुर्थी के श्राद्ध का महत्व, जानिए कैसे और किसका करते हैं श्रद्ध

विजयादशमी 2026: कब है दशहरा, रावण दहन कब होगा?

16 shradh paksha 2026: श्राद्ध पक्ष में तृतीया के श्राद्ध का महत्व, जानिए कैसे और किसका करते हैं श्राद्ध

अक्टूबर 2026 के ग्रह गोचर और नक्षत्र परिवर्तन सहित जानिए प्रमुख व्रत एवं त्योहार

अगला लेख