ramcharitmanas
✕

Holashtak 2021: होलाष्टक की पौराणिक कथा

Updated: रविवार, 21 मार्च 2021 (11:44 IST)
holashtak katha
 

फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी से लेकर पूर्णिमा ​तिथि तक होलाष्टक माना जाता है। होलाष्टक होली दहन से पहले के 8 दिनों को कहा जाता है। इस बार 22 मार्च 2021 से 28 मार्च 2021 तक होलाष्टक रहेगा। इस वर्ष होलिका दहन 28 मार्च को किया जाएगा और इसके बाद अगले दिन रंगों वाली होली खेली जाएगी। आओ जानते हैं होलाष्‍टक की पौराणिक कथा।
 
होलाष्टक के संबंध में 2 कथाएं प्रचलित है। पहली कथा भक्त प्रहलाद से जुड़ी है और दूसरी कथा कामदेव से।
 
1. पहली कथा के अनुसार भक्त प्रहलाद को उसके पिता ने हिरण्यकश्यप ने अपने पुत्र की भक्ति को भंग करने और उनका ध्यान अपनी और करने के लिए लगातार 8 दिनों तक उन्हें तमाम तरह की यातनाएं और कष्ट दिए थे। इसलिए कहा जाता है कि, होलाष्टक के इन 8 दिनों में किसी भी तरह का कोई शुभ कार्य नहीं करना चाहिए। यह 8 दिन वहीं होलाष्टक के दिन है। होलिका दहन के बाद ही जब प्रहलाद जीवित बच जाता है तो उसकी जान बच जाने की खुशी में ही दूसरे दिन रंगों की होली मनाई जाती है।
 
2. दूसरी कथा के अनुसार देवताओं के कहने पर शिवजी की तपस्या भंग करने के कारण जब कामदेव को शिवजी अपने तीसरे नेत्र से भस्म कर देते हैं तब कामदेव की पत्नि शिवजी से उन्हें पुनर्जीवित करने की प्रार्थना करती है। रति की भक्ति को देखकर शिवजी इस दिन कामदेव को दूसरा जन्म में उन्हें फिर से रति मिलन का वचन दे देते हैं। कामदेव बाद में श्रीकृष्ण के यहां प्रद्युम्न रूप में जन्म लेते हैं।

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

Sarvapitri Amavasya 2026: सर्वपितृ अमावस्या पर कर लें ये 5 छोटे काम, पितर खोल देंगे तरक्की और धन के बंद दरवाजे

सर्वपितृ अमावस्या 2026: ये 5 सरल उपाय दूर करेंगे पितृदोष, कालसर्पदोष और शनिदोष की परेशानी

Guru Pradosh Vrat 2026: आज गुरु प्रदोष व्रत पर बन रहा दुर्लभ संयोग, जानें शाम की पूजा का शुभ मुहूर्त और कथा

नाना पाटेकर का निधन और अंकों का संयोग

शनि-केतु का षडाष्टक योग: 5 राशियों के लिए शुरू होगा फायदे का समय, धन-करियर में मिलेंगे शुभ संकेत

अगला लेख