FILE * मनुष्य परिस्थितियों का दास नहीं, अपितु वह उनका निर्माता, नियंत्रणकर्ता और स्वामी होता है। * आदमी कभी भी काम की अधिकता से नहीं, बल्कि उसे भार समझ कर अनियमित रूप से करने पर थकता है। * ईश्वर भी केवल उन्हीं की सहायता करते है, जो अपनी सहायता...