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भारत पाक युद्ध: जैसलमेर वालों को फिर मिला तनोट की माता का सुरक्षा आशीर्वाद
राजस्थान के जैसलमेर से करीब 130 किमी दूर स्थित माता तनोट राय (आवड़ माता) का मंदिर है। तनोट माता को बलूचिस्तान की देवी हिंगलाज माता का एक रूप माना जाता है। तनोट भाटी राजपूतों की राजधानी थी। बाद में उन्होंने जैसलमेर को अपनी राजधानी बनाया। तनोट माता का यह मंदिर यहां के स्थानीय निवासियों का एक पूज्यनीय स्थान हमेशा से रहा है परंतु 1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान जो चमत्कार देवी ने दिखाए उसके बाद तो भारतीय सैनिकों और सीमा सुरक्षा बल के जवानों की श्रद्धा का यह विशेष केन्द्र बन गया।
1965 भारत पाक युद्ध की घटना: यदि शत्रु तनोट पर कब्जा कर लेता तो वह रामगढ़ से लेकर शाहगढ़ तक के इलाके पर अपना दावा कर सकता था। अत: तनोट पर अधिकार जमाना दोनों सेनाओं के लिए महत्वपूर्ण बन गया था। 17 से 19 नवंबर 1965 को पाकिस्तानी सेना ने तीन अलग-अलग दिशाओं से तनोट पर भारी आक्रमण किया। दुश्मन ने तनोट माता के मंदिर के आसपास के क्षेत्र में करीब 3 हजार गोले बरसाएं पंरतु अधिकांश गोले अपना लक्ष्य चूक गए। अकेले मंदिर को निशाना बनाकर करीब 450 गोले दागे गए परंतु चमत्कारी रूप से एक भी गोला अपने निशाने पर नहीं लगा और मंदिर परिसर में गिरे गोलों में से एक भी नहीं फटा और मंदिर को खरोंच तक नहीं आई।
सैनिकों ने यह मानकर कि माता अपने साथ है, कम संख्या में होने के बावजूद पूरे आत्मविश्वास के साथ दुश्मन के हमलों का करारा जवाब दिया और उसके सैकड़ों सैनिकों को मार गिराया। दुश्मन सेना भागने को मजबूर हो गई। कहते हैं सैनिकों को माता ने स्वप्न में आकर कहा था कि जब तक तुम मेरे मंदिर के परिसर में हो मैं तुम्हारी रक्षा करूंगी। सैनिकों की तनोट की इस शानदार विजय को देश के तमाम अखबारों ने अपनी हेडलाइन बनाया।
1965 भारत पाक युद्ध की घटना:
एक बार फिर 4 दिसम्बर 1971 की रात को पंजाब रेजीमेंट की एक कंपनी और सीसुब की एक कंपनी ने मां के आशीर्वाद से लोंगेवाला में विश्व की महानतम लड़ाइयों में से एक में पाकिस्तान की पूरी टैंक रेजीमेंट को धूल चटा दी थी। लोंगेवाला को पाकिस्तानी टैंकों का कब्रिस्तान बना दिया था। लोंगेवाला विजय के बाद माता तनोट राय के परिसर में एक विजय स्तंभ का निर्माण किया, जहाँ हर वर्ष 16 दिसम्बर को महान सैनिकों की याद में उत्सव मनाया जाता है।
भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम होने के बाद भारत-पाकिस्तान सीमा के निकट श्री Tanot Mata मंदिर श्रद्धालुओं के लिए पुनः खुल गया, पूरी खबर ????????https://t.co/XXmKcMBrjP#jaisalmer #India #Pakistan #IndiaPakistan #Rajasthan pic.twitter.com/fsuoSG64BE
— Webdunia Hindi (@WebduniaHindi) May 16, 2025
वर्तमान 2025 में पाकिस्तान ने जैसलमेर पर किया ड्रोन हमला:
8 मई 2025 की रात को पाकिस्तान ने जैसलमेर और उसके आसपास ड्रोन से हमला किया लेकिन भारत के एयर डिफेंस सिस्टम ने इस हमले को नाकाम कर दिया। यह भी कहा जा रहा है कि जैसलमेर में पाकिस्तान ने कुछ बम भी गिराए थे लेकिन नीचे गिरने के बाद वह फटे नहीं। एक गांव में तो जिंदा बम मिला था जिसे डिफ्यूज कर दिया गया।
