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Motivational Story | बिच्छू का स्वभाव

Updated: सोमवार, 18 जनवरी 2021 (11:51 IST)
एक संत नदी किनारे बैठे थे, तभी उन्होंने देखा एक बिच्छू पानी में गिर गया है। संत ने जल्दी से बिच्छू को हाथ में उठा लिया। बिच्छू ने संत को डंक मार दिया, जिससे संत का हाथ कांपा और बिच्छू पुन: पानी में गिरकर बहने लगा।
 
संत ने बिच्छू को डूबने से बचाने के लिए पुन: उठा लिया। बिच्छू ने पुन: संत को डंक मार दिया। संत का हाथ फिर से कांपा और बिच्छू पुन: पानी में गिर गया। संत ने बिच्छू को डूबने से बचाने के लिए एक बार फिर उठाया और फिर से वही हुआ।
 
वहां खड़ा एक आदमी यह सब देख रहा था तो उसने कहा- आपको यह बिच्छू बार-बार डंक मार रहा है फिर भी आप उसे डूबने से क्यों बचाना चाहते हैं?
 
संत ने कहा- बेटा बिच्छू का स्वभाव है डंक मारना और मेरा स्वभाव है बचाना। जब यह अपना स्वभाव नहीं छोड़ सकता तो मैं क्यों अपना स्वभाव छोडूं?
 
- ओशो रजनीश के प्रवचनों से साभार 
लेखक के बारे में
अनिरुद्ध जोशी
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं। दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।.... और पढ़ें

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