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Written By WD

मेरी संतान के सपने बचा लो

बाबर की प्रार्थना

संतान
शंख घो
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यह लो मैं बैठ गया
घुटने टेक
पश्चिम की ओर
मुँह कर
आज बसंत के हाथ खाली
चाहो तो मिटा दो मुझे
पर जागते रहें मेरी संतान के स्वप्न
कहाँ गया मेरे प्रिय का स्वच्छ यौवन
कोई गोपनीय क्षय कीट
कुरेद कुरेदकर खा रहा है
आँखों के कोनों में
सिमटा है पराभवपुंज
फुस्फुस धमनी शिराएँ
सबमें दौड़ रहा है तरल विष
जगाओ शहर के कोने-कोने में
गोधूलि की अजान
मुझे बना दो अचल पत्थर
मेरी संतान की आँखों में
सपने जीते रहें
कहते हैं इस शरीर के
पाप के जीवाणुओं से
नहीं बचा भविष्य में कोई
मेरी बर्बर जय का उल्लास
आहूत कर ले आया मृत्यु को
मेरे घर
इस प्रासाद की रोशनी
अस्थि पंजर तक जलाकर
कर देगी क्षार
देह के भीतर
घर बना लेंगे असंख्य कीट पतंग
मेरे हाथों में इतनी सत्ता?
कहाँ रखूँ इसे?
ले लो सब वापस!
है ईश्वर मिटा दो चाहे मेरी हस्ती
मेरी संतान के सपने बचा लो।

बांग्ला से अनुवादः मुनमुन सरकार
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