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Written By WD

बस, थोड़े से बच जाया करो

फाल्गुनी

फाल्गुनी
ND
तुम
सारा दिन रहा करो
सबके पास
सबके लिए
पर
सांझ के आंचल में
स्लेटी रंग उतरते ही
और
रात की
भीनी आहट के साथ ही
बचे रह जाया करो
थोड़े से
मेरे लिए
ताकि मैं सो सकूं
इस विश्वास के साथ कि
तुम हो अब भी मेरे लिए..
मेरे साथ..
मेरे पास...
ज्यादा नहीं मांगती मैं तुमसे
बस, बच जाया करो
बहुत थोड़े से
सांझ और रात के दरम्यान
मेरे लिए, मेरे प्यार के लिए...
वह प्यार
जो बस तुम्हारे लिए
आता है मेरे मन में
और सुबह के बाद
तुम्हारे ही साथ
ND
पता नहीं कहां
चला जाता है
तुम्हारी व्यस्तताओं में उलझकर,
शाम होते ही
बस थोड़े से
बहुत थोड़े से
बच जाया करो मेरे लिए...
ताकि मैं देख सकूं
सतरंगी सपने
दुनिया की कालिमा पर
छिड़कने के लिए।
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WD