biodatamaker
✕

हास्य कविता : लैंडलाइन मोबाइल

Updated: बुधवार, 12 अक्टूबर 2016 (13:22 IST)
मैं लैंडलाइन सम धीर प्रिये, तुम मोबाइल-सी चंचल हो
मैं एक जगह पड़ा रहता प्रिये, तुम चंचल-सी तितली हो 
मैं एक ही राग में गाता हूं प्रिये, तुम नए गीत सुनाती हो
मैं टेबल का राजा हूं प्रिये, तुम जेब और पर्स की रानी हो
मैं हूं अनपढ़-सा प्रिये, तुम पढ़ी लिखी संदेशों की दीवानी हो 
मोबाईल 
 
जिंदगी अब तो हमारी मोबाईल हो गई 
भागदौड़ में तनिक सुस्तालू सोचता हूं मगर
रिंगटोनों से अब तो रातें भी हैरान हो गई
 
बढ़ती महंगाई में बेलेंस देखना आदत हो गई 
रिसीव कॉल हो तो सब ठीक है मगर 
डायल हो तो दिल से जुबां की बातें छोटी हो गई 
 
मिसकॉल मारने की कला तो जैसे चलन हो गई 
पकड़म-पाटी खेल कहें शब्दों का इसे हम मगर
लगने लगा जैसे शब्दों की प्रीत पराई हो गई 
 
पहले-आप पहले-आप की अदा लखनवी हो गई 
यदि पहले उसने उठा लिया तो ठीक मगर 
मेरे पहले उठाने पर माथे की लकीरें चार हो गई 
 
मिसकॉल से झूठ बोलना तो आदत-सी हो गई 
बढती महंगाई का दोष अब किसे दें मगर 
हमारी आवाजें भी तो अब उधार हो गई
 
दिए जाने वाले कोरे आश्वासनों की भरमार हो गई 
अब रहा भी तो नहीं जाता है मोबाईल के बिना 
गुहार करते रहने की तो जैसे आदत बेकार हो गई 
 
मोबाईल गुम हो जाने से जिंदगी घनचक्कर हो गई 
हरेक का पता किस-किस से पूछें मगर 
बिना नंबरों के तो जैसे जिंदगी रफूचक्कर हो गई 
 
लेखक के बारे में
संजय वर्मा 'दृष्ट‍ि'
Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

वाणी साहित्य उत्सव का आगाज, पहले दिन युद्ध, स्त्री विमर्श और एआई के दौर में लेखन पर हुआ मंथन

वर्ल्ड स्ट्रोक डे: स्ट्रोक के लक्षण दिखते ही लें चिकित्सकीय सहायता, हर मिनट है कीमती

बौखलाए नेताओं की बेरहमी का ये सबसे निर्दयी उदाहरण है, 200 पेड़ों से हजारों परिंदों के आशियाने उजाड़कर मेट्रो चलाएंगे

करवा चौथ से पहले चेहरे पर कैसे लाएं नेचुरल ग्लो? घर पर अपनाएं ये आसान ब्यूटी टिप्स

विजय सिंह चौहान की आठ लघुकथाएं

अगला लेख