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विश्वकवि रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती पर विशेष

सोमवार,मई 6, 2019
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पं. माखनलाल चतुर्वेदी हिन्दी पत्रकारिता और साहित्य के क्षेत्र में एक ऐसा नाम हैं, जिसे छोड़कर हम पूरे नहीं हो सकते। ...
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देश पर अपनी जान न्यौछावर कर देने वाले शहीद-ए-आजम भगत सिंह ने अपनी मां की ममता से ज्यादा तवज्जो भारत मां के प्रति अपने ...
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आमतौर पर भगतसिंह के बारे में यह एक निर्भ्रांत तथ्य है कि वे एक घोषित नास्तिक थे, फिर भला 'भाग्य' से उनका क्या वास्ता हो ...
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मिर्जा गालिब का जन्म 27 दिसंबर 1717 को काला महल, आगरा में हुआ था। उनकी कलम ने दिल की हर सतह को छुआ, किसी भी मोड़ पर ...
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25 दिसंबर 1924 को मध्यप्रदेश के ग्वालियर शहर में अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म हुआ। उनके पिता कृष्ण बिहारी वाजपेयी और मां ...
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कबीर बीच बाजार और चौराहे के संत हैं। वे आम जनता से अपनी बात पूरे आवेग और प्रखरता के साथ किया करते हैं, इसलिए कबीर ...
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सहज, सौम्य और सरल जिनका मिजाज है, सबकुछ होते हुए भी फकीराना ठाठ, आजाद पंछी की तरह गगन को नापना, मजाक और मस्ती की दुनिया ...
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टैगोर दुनिया के संभवत: एकमात्र ऐसे कवि हैं जिनकी रचनाओं को दो देशों ने अपना राष्ट्रगान बनाया। बचपन से कुशाग्र बुद्धि के ...
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18 जनवरी 2018 की ठंड भरी शाम...कोलकाता के बेलियाहाटा इलाके से हिंदी के लब्धप्रतिष्ठ साहित्यकार कृष्णबिहारी मिश्र से ...
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आज सारा देश ही 'शिवपालगंज' है

मंगलवार,अक्टूबर 31, 2017
नई दिल्ली। हमारे देश में व्यंग्य में उपन्यास लिखने की समृद्ध परम्परा नहीं रही है लेकिन जो थोड़े से उपन्यास व्यंग्य ...
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परसाई के बहाने

गुरुवार,अगस्त 24, 2017
हिन्दी साहित्य के मशहूर व्यंग्यकार और लेखक हरिशंकर परसाई से आज कौन परिचित नहीं है और जो परिचित नहीं हैं, उन्हें परिचित ...
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हिन्दी पत्रकारिता के अमिट हस्ताक्षर और बहुमुखी प्रतिभा के धनी राजेन्द्र माथुर (रज्जू बाबू) की 7 अगस्त को जन्मतिथि है। ...
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नई दिल्ली। दिल्ली हिन्दी अकादमी की उपाध्यक्ष एवं सुप्रसिद्ध लेखिका मैत्रेयी पुष्पा को आज यहां उदयराज सिंह स्मृति सम्मान ...
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राजनीति में विचारों के लिए सिकुड़ती जगह के बीच पं. दीनदयाल उपाध्याय का नाम एक ज्योतिपुंज की तरह सामने आता है। अब जबकि ...
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युगदृष्टा साहित्यकार दिनकर ने अपने समय की कठिनाइयों को बड़ी पैनी दृष्टि से देखा व पहचाना। युवा आक्रोश तथा अनुशासनहीनता ...
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यह बात आश्चर्यजनक है लेकिन सच है कि लेखन कभी उन्होंने घर में रहकर एयरकंडीशंड रूम में नहीं किया बल्कि विषय की आवश्यकता ...
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उदारीकरण की बयार का सबसे बड़ा हमला संस्कृति पर हुआ है..भारतीय समाज में तमाम ऊंच-नीच के बावजूद आत्मीयता की एक अजस्र धारा ...
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हिंदी तथा पंजाबी लेखन में स्पष्टवादिता और विभाजन के दर्द को एक नए मुकाम पर ले जाने वाली अमृता प्रीतम ने अपने साहस के बल ...
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टैगोर दुनिया के संभवत: एकमात्र ऐसे कवि हैं जिनकी रचनाओं को दो देशों ने अपना राष्ट्रगान बनाया। बचपन से कुशाग्र बुद्धि के ...
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