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मेवा खाए सेहत बनाए

स्वादिष्ट और स्वास्थ्य रक्षक मेवे

Written By WD
Updated: सोमवार, 2 फ़रवरी 2009 (12:16 IST)
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अधिकांशतः यही समझा जाता है कि मेवों में वसा की मात्रा अधिक होती है अतः इनका सेवन हानिकारक होता है। माना कि इनमें वसा अधिक होता है लेकिन ये हानिकारक कतई नहीं होते हैं। वास्तव में मेवों में पॉली असंतृप्त वसा होती है जो बुरे कोलेस्ट्रॉल को कम करती है। अभी-अभी हुए वैज्ञानिक शोधों से पता चला है कि मेवों में हृदय तथा अन्य असाध्य रोगों से सुरक्षा प्रदान करने की शक्ति होती है।

मेवों में हम बादाम, काजू, पिस्ता, अखरोट तथा मूँगफली को मुख्य रूप से शामिल करते हैं। मेवों से जुड़े तथ्य यह हैं कि इनमें वसा की मात्रा अधिक होती है अतः ये अधिक कैलोरी प्रदान करते हैं इसलिए इनका सेवन कम मात्रा में ही करना चाहिए।

मेवों को तलने या भूनने से उनके गुण नष्ट हो जाते हैं इसलिए इनका इस्तेमाल बिना तले करें। इसके अलावा इनमें नमक मिलाकर प्रयोग करने से इनकी कैलोरी की मात्रा बढ़ती है इसलिए इन्हें फीका ही प्रयोग करें।

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यदि एक बार आप मेवों का प्रयोग कर रहे हैं तो फिर पूरे दिन आपको अतिरिक्त कैलोरी लेने की जरूरत नहीं पड़ती। मेवों को मूड बनाने वाले खाद्य भी कहा जाता है अतः आप जब भी अवसाद से घिरा महसूस करें मेवों का प्रयोग कर अपने आपको तरोताजा कर लें।

मेवों में संतृप्त वसा कम होती है तथा असंतृप्त वसा अधिक होती है। कोलेस्ट्रॉल की मात्रा नगण्य रहती है। इनमें कैंसर से लड़ने वाले तत्व होते हैं। इनमें फाइबर भी होते हैं।

प्रोटीन समृद्ध होने के कारण ये माँसाहारी भोजन का अच्छा विकल्प हैं क्योंकि मेवों में मेवों में अमीनो एसिड जैसे आर्जीनिन पाए जाते हैं। इनमें विटामिन ई, विटामिन बी-6, निएसिन तथा फॉलिक एसिड तथा खनिज लवण मैगनेशियम, जिंक, आयरन, कैल्सियम, कॉपर, सेलेनियम तथा पोटैशियम पाए जाते हैं।

बादाम, अखरोट, काजू, पिस्ता में असंतृप्त वसा पाई जाती है जबकि नारियल तथा खजूर में संतृप्त वसा पाई जाती है। लेकिन नारियल या खजूर को जब कुछ पारंपरिक व्यंजनों में मिलाकर बनाया जाता है तो ये उतने नुकसानदेह नहीं होते।

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वैज्ञानिकों ने पता लगाया है कि प्रतिदिन हमें एक तिहाई कप विभिन्न प्रकार के मेवे लेने चाहिए। सुबह नाश्ते में बिस्किट या केक खाने के स्थान पर मुट्ठी भर सादे मेवे खाने चाहिए। सलाद या पास्ता में कुछ मेवे डालकर खा सकते हैं। दाल, सूप या सब्जियों में मेवे काटकर डालकर उसका सेवन करें। अपने मनपसंद मेवों को चीज या पनीर के साथ खाएँ।

पोषक तत्वों से भरपूर ये मेवे आपको दीर्घायु बनाते हैं तथा आपके स्वास्थ्य के रक्षक भी हैं। पर इस बात का ध्यान रखें कि इन्हें अधिक मात्रा में न लें। रोज एक मुट्ठी काफी है।
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