dharma sangrah
✕

खाने में तड़का लगाएं, सेहत के 5 फायदे पाएं...

Updated: बुधवार, 30 नवंबर 2016 (12:20 IST)
खाने को कुछ अलग स्वाद देकर उसे और स्वादिष्ट बनाने के लिए तड़का लगाया जाता है, ताकि सभी मसालों का सही स्वाद उसमें घुल जाए। लेकिन क्या आप जानते हैं, कि तड़का लगाने से सेहत को भी कई फायदे होते हैं। फिलहाल जानिए यह 5 फायदे... 


 
 
1 तड़का आपकी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर आपको इंफेक्शन और सर्दी जुकाम जैसी अन्य बीमारियों से भी बचाता है। इसका प्रमूख कारण है इसमें लहसुन का प्रयोग, जो ज्यादातर इन स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज के तौर पर प्रयोग होता है। 
 
2 यह आपको शरीर के विभिन्न अंगों में अक्सर होने वाले दर्द से भी निजात दिलाता है। क्योंकि इसमें खड़े मसालों, जैसे लाल मिर्च, काली मिर्च आदि का प्रयोग होता है जो विटामिन्स देने के साथ ही दर्द से राहत दिलाती हैं। मोटापे को रोने में भी यह फायदेमंद है।
 
 

 
3 तड़के में प्रयुक्त होने वाली राईं और जीरा, आपको पाचन संबंधी समस्याओं से छुटकारा दिलाने के साथ ही मांसपेशीय एवं हड्डी के दर्द से राहत देने में सहायक है। इतना ही नहीं यह कोलेस्ट्रॉल कम करने और इम्यून पावर बढ़ाने में भी सहायक है।
 
 
4 कड़ीपत्ते के बिना तड़के का सही स्वाद ही नहीं आता। बेहतरीन स्वाद के साथ-साथ यह आपको कई विटामिन्स देता है और आपके पाचन तंत्र व दिल को स्वस्थ्य रखने में मददगार है। डायबिटीज से बचने और बालों को काला बनाए रखने का यह तरीका लाभप्रद है।
 
5 तड़के में हल्दी का प्रयोग आपको इंफेक्शन से बचाता है और एंटीबायोटिक तत्व, प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर आपके स्वास्थ्य की रक्षा करती है। वहीं सर्दी से भी आपको बचाने में यह मदद करती है।

 
Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती पर क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय एकता दिवस?

31 अक्टूबर पुण्यतिथि: इंदिरा गांधी की मृत्यु कब, कहां, क्यों और कैसे हुई थी?

वाणी साहित्य उत्सव का आगाज, पहले दिन युद्ध, स्त्री विमर्श और एआई के दौर में लेखन पर हुआ मंथन

वर्ल्ड स्ट्रोक डे: स्ट्रोक के लक्षण दिखते ही लें चिकित्सकीय सहायता, हर मिनट है कीमती

बौखलाए नेताओं की बेरहमी का ये सबसे निर्दयी उदाहरण है, 200 पेड़ों से हजारों परिंदों के आशियाने उजाड़कर मेट्रो चलाएंगे

अगला लेख