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दिल के दौरे के खतरे को दूर करेगी यह आयुर्वेदिक दवाई

Updated: शनिवार, 27 अक्टूबर 2018 (15:36 IST)
नई दिल्ली। आयुर्वेदिक औषधि बीजीआर-34 के बारे में एक अंतरराष्ट्रीय पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन में दावा किया गया है कि यह मधुमेह के मरीजों में दिल का दौरा पड़ने के खतरे में 50 प्रतिशत की कमी लाने में प्रभावी पाई गई है।
 
 
एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि यह भी पाया गया कि इस आयुर्वेदिक दवा के क्लिनिकल ट्रॉयल में शामिल हुए मरीजों में ग्लाइकोसाइलेटेड हीमोग्लोबिन स्तर की जांच की गई और यह कम से कम आधे मरीजों में यह नियंत्रण में था। ग्लाइकोसाइलेटेड हीमोग्लोबिन स्तर की जांच मधुमेह मेलिटस के दीर्घकालिक नियंत्रण की निगरानी के लिए की जाती है।
 
यह परिणाम इसके मद्देनजर महत्व रखता है कि सामान्य के नजदीक ग्लाइकोसाइलेटेड हीमोग्लोबिन स्तर माइक्रोबस्कुलर और मैक्रोवास्कुलर जटिलताओं के खतरे को कम करता है जिससे अंग और ऊतक क्षति होती है। अधिकारी ने कहा कि इस औषधि को सीएसआईआर लेबोरेटरीज, नेशनल बोटैनिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट और सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिसिनल एंड एरोमैटिक प्लांट (सीआईएमएपी) द्वारा तैयार किया गया है।
 
इस अध्ययन का प्रकाशन 'जर्नल ऑफ ट्रेडिशनल एंड कंप्लीमेंटरी मेडिसिन' में हुआ है। (भाषा)

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