अगर आप भी पिंडलियों के दर्द से परेशान हैं, तो राहत पाने के लिए ये 5 बेहद काम की बातें नोट कर लें:
1. 'R.I.C.E.' फॉर्मूला अपनाएं
मांसपेशियों के दर्द और खिंचाव से तुरंत राहत पाने के लिए मेडिकल साइंस में यह फॉर्मूला सबसे बेस्ट माना जाता है:
R - Rest (आराम): दर्द होने पर पैरों को आराम दें और भारी वजन उठाने या ज्यादा चलने से बचें।
I - Ice (बर्फ की सिकाई): पिंडलियों पर 15-20 मिनट के लिए बर्फ को कपड़े में लपेटकर सेकें। यह सूजन और दर्द को तुरंत कम करता है। (ध्यान रखें, अगर दर्द पुरानी जकड़न के कारण है तो गर्म सिकाई करें, लेकिन अचानक उठे दर्द या मोच पर हमेशा बर्फ लगाएं)।
C - Compression (पट्टिका): पैर पर थोड़ा सा दबाव बनाने के लिए क्रेप बैंडेज (किन्शियोलॉजी टेप) बांधें, इससे मांसपेशियों को सपोर्ट मिलता है।
E - Elevate (पैर ऊपर रखें): बैठते या लेटते समय पैरों के नीचे 1-2 तकिए रख लें, ताकि पैर दिल के स्तर से थोड़े ऊपर रहें। इससे ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है और दर्द कम होता है।
2. सरसों या तिल के तेल की मालिश
हल्के गुनगुने तेल से मालिश करने से पिंडलियों की जकड़ी हुई नसें खुलती हैं।
तरीका: सरसों के तेल में 2-3 कली लहसुन की पका लें। जब तेल गुनगुना रह जाए, तो इससे पिंडलियों की नीचे से ऊपर की ओर (एड़ी से घुटने की तरफ) हल्के हाथों से मालिश करें। मालिश कभी भी बहुत जोर से नीचे की तरफ न करें।
3. सेंधा नमक (Epsom Salt) के पानी की सिकाई
सेंधा नमक में भारी मात्रा में मैग्नीशियम होता है, जो त्वचा के जरिए एब्जॉर्ब होकर मांसपेशियों को तुरंत रिलैक्स करता है।
तरीका: एक बाल्टी या टब में गुनगुना पानी लें और उसमें 2 चम्मच सेंधा नमक डाल लें। इस पानी में अपने पैरों को 15 से 20 मिनट के लिए डुबोकर रखें। इससे पैरों की सारी थकान और दर्द गायब हो जाएगा।
4. स्ट्रेचिंग और हल्का वॉक
दर्द के डर से पैरों को पूरी तरह जाम न करें। हल्की स्ट्रेचिंग मांसपेशियों के लैक्टिक एसिड (जिससे दर्द होता है) को रिलीज करने में मदद करती है।
दीवार का सहारा लेकर स्ट्रेचिंग: दीवार से थोड़ी दूरी पर खड़े होकर अपने हाथ दीवार पर टिकाएं। एक पैर आगे और दर्द वाला पैर पीछे रखें। पीछे वाले पैर की एड़ी को जमीन पर दबाते हुए आगे की तरफ झुकें। इससे पिंडली की नसें खिंचेंगी और आराम मिलेगा।
5. डाइट में शामिल करें पोटैशियम और मैग्नीशियम
कई बार शरीर में जरूरी मिनरल्स और पानी की कमी से पिंडलियों में 'क्रैम्प्स' (बायत/ऐंठन) आने लगते हैं।
हाइड्रेशन: दिनभर में कम से कम 8-10 ग्लास पानी पिएं। नारियल पानी या नींबू पानी का सेवन करें।
पोषक तत्व: अपनी डाइट में केला, सेब, पालक, नट्स (बादाम-अखरोट) और दूध-दही शामिल करें। इनमें मौजूद पोटैशियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम नसों के दर्द को जड़ से खत्म करते हैं।
कब जाएं डॉक्टर के पास?
अगर आपकी पिंडलियों में दर्द के साथ-साथ तेज सूजन है, पैर छूने पर बहुत गर्म लग रहा है या वह हिस्सा लाल/नीला पड़ गया है, तो यह DVT (डीप वेन थ्रोम्बोसिस) या ब्लड क्लॉट का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में घरेलू उपायों के बजाय तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
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