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Last Updated : मंगलवार, 26 मई 2026 (10:02 IST)

नौतपा की 'आग' उगलती गर्मी से कैसे बचें? ये 5 सावधानियां और 10 गोल्डन रूल्स बदल देंगे आपका समर गेम!

Golden rules of Nautapa, photo showing ways to avoid scorching heat, heat wave and strong sunlight
Summer Safety Tips: हर साल जब सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में एंट्री मारते हैं, तो शुरू होता है साल का सबसे गर्म हफ्ता- 'नौतपा'। इन 9 दिनों में सूरज आसमान से आग उगलने लगता है। तीखी धूप और थपेड़े मारती लू इंसान को घर के अंदर हो या बाहर, दोनों जगह बेचैन कर देती है।ALSO READ: Nautapa health tips: नौतपा और स्वास्थ्य: बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष सावधानियां
 
इस प्रचंड गर्मी में जरा सी लापरवाही आपको अस्पताल पहुंचा सकती है। इसलिए, खुद को कूल और हाइड्रेटेड रखने के लिए आपको कुछ बेहद जरूरी सावधानियां बरतनी होंगी।
 

नौतपा की 5 अचूक सावधानियां, जो आपको रखनी हैं याद:

अगर नौतपा के दौरान घर से बाहर निकलना बेहद जरूरी है, तो इन 5 बातों का कड़ाई से पालन करें:
 
1. कवर-अप गेम ऑन रखें: कभी भी खुले शरीर धूप में न जाएं। बाहर निकलने से पहले सिर और कान को कॉटन के कपड़े से ढंकें और आंखों पर अच्छी क्वालिटी का सनग्लास (धूप का चश्मा) जरूर लगाएं।
 
2. जेब में रखें 'कवच': दादी-नानी का यह नुस्खा आज भी सुपरहिट है। रोजाना खाने में प्याज का इस्तेमाल करें और घर से बाहर निकलते समय अपनी जेब में एक छोटासा कच्चा प्याज जरूर रखें, यह लू से बचाता है।
 
3. लिक्विड डाइट को बनाएं दोस्त: इन दिनों सादे पानी के अलावा अपनी डाइट में नारियल पानी, गन्ने का रस, फलों का जूस, जलजीरा, लस्सी, आम पना, दही और जीरा छाछ को भरपूर जगह दें।
 
4. पानी से नो कॉम्प्रोमाइज: प्यास न भी लगे, तो भी हर थोड़ी देर में पानी पीते रहें। शरीर से पसीना बहने पर तापमान को बैलेंस करने के लिए पानी की सबसे ज्यादा जरूरत होती है।
 
5. फैब्रिक का रखें ख्याल: सिंथेटिक कपड़ों को बाय-बाय कहें। इन 9 दिनों में सिर्फ ढीले, हल्के और मुलायम सूती (कॉटन) कपड़े ही पहनें ताकि पसीना आसानी से सूख सके और स्किन खुलकर सांस ले सके।ALSO READ: Nautapa and health: नौतपा में ऐसे रखें सेहत का ध्यान, जानें 10 सावधानियां

 

नौतपा के गोल्डन टिप्स, जानें 10 सबसे काम की बातें

1. क्या है नौतपा?
जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में गोचर करता है, तो शुरुआती 9 दिनों को नौतपा कहा जाता है। यह पूरे साल का सबसे गर्म समय माना जाता है।
 
2. खाली पेट बाहर जाना मना है:
नौतपा के दौरान सूरज की किरणें सीधे पृथ्वी पर आती हैं। सुबह कितना भी जल्दी हो, बिना कुछ खाए-पिए घर से कदम बाहर न निकालें।
 
3. ग्लूकोज से मिलेगी इंस्टेंट एनर्जी:
पसीने के रास्ते शरीर के जरूरी मिनरल्स बाहर निकल जाते हैं। इसलिए समय-समय पर ग्लूकोज या ओआरएस (ORS) का घोल पीते रहें और अपनी एनर्जी को फालतू कामों में वेस्ट न करें।
 
4. अच्छे मानसून का संकेत:
सनातन मान्यताओं के अनुसार, नौतपा के ये 9 दिन जितनी शिद्दत से तपेंगे, आने वाले मानसून में उतनी ही झमाझम और अच्छी बारिश होने की संभावना बढ़ती है।
 
5. इमरजेंसी में घरेलू उपाय या डॉक्टर:
अगर चक्कर आना, उल्टी या तेज सिरदर्द जैसे लू के लक्षण दिखें, तो तुरंत घरेलू उपाय (जैसे आम पना) अपनाएं या बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करें।
 
6. एसी (AC) से निकलते ही सावधानी:
अगर आप ऑफिस या घर में लगातार एसी में बैठते हैं, तो एसी से निकलते ही तुरंत कड़कड़ाती धूप में न जाएं। शरीर के तापमान को धीरे-धीरे नॉर्मल होने दें।
 
7. मेहंदी का नेचुरल कूलिंग इफेक्ट:
जिन लोगों को गर्मी ज्यादा सताती है या तलवों में जलन होती है, वे अपने हाथ-पैर और सिर में प्राकृतिक मेहंदी जरूर लगाएं। यह शरीर की गर्मी को खींचकर आपको अंदर से तरोताजा रखती है।
 
8. पसीने को सोखना है जरूरी:
सूती कपड़े पहनने से शरीर का तापमान मेंटेन रहता है और घमौरियों या स्किन एलर्जी का खतरा नहीं रहता।
 
9. लाइट और इजी मील:
दोपहर और रात के खाने में ऐसा भोजन लें जो जल्दी पच जाए- जैसे खिचड़ी, दलिया, लौकी-तोरई की सब्जी। लिक्विड चीजों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
 
10. ऑयली फूड से तौबा:
इन नौ दिनों में समोसे, कचोरी और हैवी मसालेदार भोजन से बिल्कुल दूर रहें। भारी खाना इस मौसम में आपके डाइजेशन सिस्टम यानी पाचन क्रिया को पूरी तरह बिगाड़ सकता है।
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: Nautapa 2026: 25 मई से नौतपा: भीषण गर्मी के दिन, जानें महत्व, पर्यावरण और सेहत पर प्रभाव
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