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दूसरी लहर में ज्यादातर मौत का कारण बनी दिल की बीमारी, ऐसे रखें दिल को स्‍वस्‍थ

Updated: रविवार, 6 जून 2021 (19:34 IST)
कोरोनावायरस की दूसरी लहर सभी के लिए घातक साब‍ित हुई। हैरानी की बात ये है कि देश में आई कोरोना की दूसरी लहर ने उन लोगों को भी अपनी चपेट में ले लिया, जिनकी हेल्थ हिस्ट्री बिल्कुल क्‍लीन थी यानि उन्हें पहले किसी भी तरह की कोई गंभीर बीमारी नहीं थी। कोरोना की इस दूसरी लहर में भारत में हो रही मौत के आंकड़ों ने दुनिया के सभी आंकड़ों को पीछे छोड़ दिया।

सबसे ज्‍यादा चौंकाने वाला मामला यह है कि कोरोनावायरस को मात देने के बाद भी कई मरीजों की मौत हो गई। महामारी से रिकवर होने के बाद भी हो रही मौतों के पीछे एक बड़ी वजह कोरोना का खतरनाक स्वरूप है जो हमारे हृदय को भी बुरी तरह से प्रभावित कर रहा है।

दिल का ख्याल रखना जरूरी
कोरोनावायरस की दूसरी लहर में दिल से जुड़ी कई तरह की दिक्कतें देखी जा रही हैं। दूसरी लहर में महामारी की चपेट में आकर मारे जा रहे मरीजों में 70 फीसदी ऐसे मरीज हैं, जिन्हें हृदय से जुड़ी गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ऐसे में कोरोना के इस दौर में अपने दिल का ख्याल रखना बहुत जरूरी है, बहुत ज्यादा जरूरी।

विशेषज्ञों का कहना है कि महामारी के इस दौर में हमें अपने नंबर्स याद रखना बहुत जरूरी है। यानि हमारा बीपी, ऑक्सीजन लेवल, शुगर लेवल और पल्स रेट कितना है। डॉक्टरों ने बताया कि इन चार टेस्ट के नंबर याद रखना लैब में होने वाले 256 टेस्ट से भी ज्यादा महत्वपूर्ण है। यदि ये चार चीजें हमेशा चेक करते हे तो कार्डिएक अरेस्ट जैसी परिस्थितियों से बचा जा सकता है।

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