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गर्मियों में जरूरी है पौष्टिक और हल्का-फुल्का नाश्ता

Written By WD
Updated: शनिवार, 16 मई 2015 (17:44 IST)
डॉ. रितिका समादार

किसी के लिए स्नैकिंग सिर्फ भूख मिटाने का एक जरिया भर है तो किसी के लिए टाइम पास का जरिया। जो लोग लगातार 9-10 घंटे काम करते हैं, उनके लिए तो स्नैकिंग मजबूरी है, क्योंकि खाने में ज्यादा अंतराल आ जाए तो स्नैकिंग करना जरूरत बन जाती है।



स्नैकिंग का कारण जो भी हो, लेकिन आप हमेशा चाहेंगे कि वही खाया जाए जो सेहतमंद हो और एनर्जी दे और साथ ही साथ कम से कम वसायुक्त हो। मुश्किल य ह है कि स्नेक्स के ऐसे विकल्प बाजार में नाममात्र ही हैं, जो इन सभी जरूरतों को पूरा करें।

हम संकल्प तो लेते हैं कि कोई भी प्रकार का नाश्ता नहीं खाएंगे, लेकिन जैसे ही हाथ में मनपसंद स्नैक्स आ जाते हैं तो आप खुद को रोक नहीं पाते। फिर चाहे बाद में कैलोरी बढ़ने से होने वाले नुकसान के बारे में सोचकर परेशान होते रहें।


बाजार में उपलब्ध ज्यादातर नाश्ते शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले होते हैं। स्नैक्स में ढेर सारी कैलोरी, वसा, चीनी और नमक आदि का स्वाद चाहे उस वक्त जुबान को मजेदार लगे, लेकिन यही चीजें शरीर में कोलेट्रॉल का स्तर बढ़ा देती है। इससे उच्च रक्तचाप या मधुमेह जैसी बीमारियों का खतरा भी होता है।

इतने नुकसान जानकर यही लगता है कि नाश्ता करते रहना सेहत को नुकसान पहुंचाएगा, लेकिन लंबे समय तक भूखे रहना भी नुकसानकारी होता है। इसलिए जरूरत पड़ने पर स्नैक्स खाएं, लेकिन ये ध्यान रखें कि केवल पौष्टिक विकल्प ही अपनाएं।

 

अगले पेज पर : - स्नैकिंग के विकल्प


स्नैकिंग के विकल्प

सेहतमंद नाश्ते वही होते है जिनमें कैलोरी बहुत कम हो इसलिए तले हुये स्नैक्स की बजाय सिके या भुने हुए स्नैक ही खाना चाहिये। मल्टीग्रेन या फ्लैक्स सीड से बनें स्नैक्स चुनें। फ्लैक्ससीड में ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है जो त्वचा और दिल को सेहतमंद रखने में सहायक है।


इसी तरह से मल्टीग्रेन भी फाइबर का अच्छा स्त्रोत है जो कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद करता है। मल्टीग्रेन स्नैक्स एक अच्छा विकल्प है क्योंकि इससे अनाज के सारे पोषण मिल जाते है। बाज़ार से स्नैक खरीदने के बजाय घर में स्नैक्स तैयार करके रख लें। सिके परमल, भुने चने, धानी सिके पोहे आदि में नमक मसाले आदि मिलाकर बघार लें। अपने साथ एक सेवफल या अंगूर आदि फल भी रख सकते हैं।

 

फायदे

 

डायटीशियन हमेशा खाने के बीच के अंतराल में स्नैक्स खाने पर ज़ोर देते हैं। स्नेक्स में फल, सब्जियां, मल्टीग्रेन, कम वसा के स्नैक्स को शामिल करना चाहिए। इसके अलावा जो पोषक तत्व खाने में नहीं ले पाते वो सेहतमंद स्नैक्स खाने से मिल जाते हैं, जो वसा में सुधार करके कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं।
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