श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी की भव्य पेशवाई में नागाओं ने दिखाए खूब करतब

निष्ठा पांडे| पुनः संशोधित मंगलवार, 9 मार्च 2021 (08:46 IST)
हरिद्वार। हरिद्वार में सोमवार को श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी की भव्य का भव्य नजारा दिखाई दिया। दक्षेश्वर महादेव मंदिर से हर हर महादेव का जयघोष एंव वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ भव्य पेशवाई निकली। इसके बाद संतों ने भव्य पेशवाई के रूप में छावनी में प्रवेश किया।
पेशवाई दक्ष मंदिर से शुरू होकर श्रीयंत्र मंदिर, बूढ़ी माता तिराहा, संती कुंड, देशरक्षक औषधालय, कनखल थाना, सराफा बाजार, चौक बाजार, पहाड़ी बाजार होते हुए बंगाली मोड़ स्थित छावनी में जाकर संपन्न हुई। इस पेशवाई में अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी विशोकानंद महाराज के अखाड़े के 40 से अधिक महामंडलेश्वरों के अलावा बड़ी संख्या में नागा संन्यासी और संत महंत मौजूद रहे।

पेशवाई के श्रीयंत्र मंदिर, देशरक्षक तिराहा होकर कनखल थाना तिराहे पहुंचने पर मेलाधिकारी दीपक रावत, आईजी कुंभ संजय गुंज्याल आदि ने अखाड़े के सचिव श्री महंत रवींद्र पुरी महाराज, संतोष पुरी महाराज, स्वामी कमलपुरी जी महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी विश्वेश्वरानंद गिरि जी महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी श्री प्रखर जी महाराज, स्वामी आनंद चैतन्य सरस्वती जी महाराज, स्वामी प्रेमानंद पुरी जी महाराज, आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी आत्मानंद पुरी जी महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी कमलानंद गिरि जी महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी दिव्यानंद गिरि महाराज, स्वामी 1008 महामंडलेश्वर देवेन्द्रानंद गिरि जी महाराज, श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर स्वामी रामेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज, स्वामी भूपेन्द्र गिरि जी महाराज सहित अन्य साध्वियों साधु सन्यासियों का माल्यार्पण कर स्वागत कर आशीर्वाद लिया।
पेशवाई में हाथी, घोड़े पर बैठे साधु सन्यासियों का दर्शन कर लोग आशीर्वाद प्राप्त कर रहे थे। रमता पंच परमेश्वरों की झांकी के अलावा गढ़वाली, कुमांऊनी थीम पर आधारित सांस्कृतिक झांकी लोगों के आकर्षण का केंद्र थीं।

कुंभ के लिए हरिद्वार में अब तक पांच अखाड़ों की पेशवाई निकाल चुकी है। आज भी पेशवाई के दौरान संतों पर हेलीकॉप्टर से फूलों की वर्षा करवाई गई। वहीं पेशवाई के दौरान दिल्ली की ओर से आने वाले वाहनों को गुरुकुल कांगड़ी से सिंहद्वार फ्लाईओवर से भेजा जा रहा है। रुड़की लक्सर की और से आने वाले वाहनों को गायत्रीलोक से फ्लाईओवर पर भेजा।
सनातन धर्म के प्रतीक अखाड़ों में महिला महामंडलेश्वर बनाने की रवायत श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा ने शुरू की थी।संतोष पुरी माता को सबसे पहली महामंडलेश्वर बनाया गया था। आज अखाड़ों की महिला महामंडलेश्वर बराबरी के दर्जे के साथ कुंभ का शाही स्नान करतीं हैं।

जूना और अग्नि अखाड़े के साथ शाही स्नान करेगा किन्नर अखाड़ा : आगामी 11 मार्च कों महाशिवरात्रि का शाही स्नान किन्नर अखाड़ा भव्य रुप से जूना और अग्नि अखाड़े के साथ करेगा। कुंभ में अखाड़े को दिए व्यवस्था को लेकर किन्नर अखाड़े की मेला प्रशासन और शासन से नाराजगी की अफवाहों का आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने अपना वीडियो जारी कर खंडन किया है। किन्नर अखाडा इस बार में एक विशेष आकर्षण बना है।



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