dharma sangrah

8 अक्टूबर : भारतीय वायुसेना दिवस आज

Updated: बुधवार, 7 अक्टूबर 2020 (17:24 IST)
Indian Air Force day : भारतीय वायुसेना दिवस 
 
आज से 88 वर्ष पहले 08 अक्टूबर 1932 यानी आज ही के दिन भारतीय वायुसेना दिवस की स्थापना हुई थी। भारतीय वायुसेना बल, वीरता और पराक्रम का प्रतीक है। यह भारतीय सशस्त्र सेना का एक अंग है जो वायु युद्ध, वायु सुरक्षा और वायु चौकसी जैसे महत्वपूर्ण काम देश के लिए करती है। वायुसेना दिवस पर भारतीय वायु सैनिकों की बहादुरी, शौर्य और पराक्रम के लिए उन्हें सलाम करती है। 
 
भारतीय वायुसेना की स्थापना आठ अक्टूबर 1932 को हुई थी। इसे 1950 में पूर्ण गणतंत्र घोषित होने से पहले 'रॉयल इंडियन एयरफोर्स' के नाम से जाना जाता था। इसने 1945 के द्वितीय विश्वयुद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 
 
1950 में आजादी यानी पूर्ण गणतंत्र घोषित होने के बाद इसमें से 'रॉयल' शब्द हटाकर उसे सिर्फ इंडियन एयर फोर्स (Indian Air Force) कर दिया गया। आसमान के इन प्रहरियों को इस दिन वायु सेना के नायकों और उनके परिवारों का अभिवादन करके उन्हें प्रोत्साहित किया जाता है। 
 
दुनियाभर में सिर्फ अमेरिका, चीन और रूस के पास भारत से बड़ी वायुसेना मौजूद है। भारतीय वायुसेना दुनिया की चौथी सबसे बड़ी वायुसेना है। भारतीय वायुसेना कई ऐसे लड़ाकू विमान हैं जो इसे दुनिया की चौथी सबसे बड़ी वायुसेना होने का दर्जा दिलाती हैं।

वर्तमान युग में युद्ध की स्थिति में सबसे अधिक महत्व वायुसेना का होता है इसलिए सेना के इस अंग का सबसे मजबूत होना अति आवश्यक है।

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

ब्रिक्स से दूरी बांग्लादेश को पड़ेगी भारी, तारिक रहमान के सम्मेलन में शामिल होने पर संशय

15 अगस्त विशेष: शहीदों के सपनों का भारत नारों से नहीं, हमारे चरित्र और कर्म से बनेगा

जब उम्मीद थक जाए, तब साहस काम आता है

असली पनीर और Analog Paneer में क्या है फर्क? खरीदने से पहले ऐसे करें पहचान

लोकतंत्र की पहली पाठशाला: छात्रसंघ चुनावों की वापसी क्यों जरूरी? जानें युवाओं की बड़ी जिम्मेदारी

अगला लेख