biodatamaker

आज सशस्त्र सेना झंडा दिवस : गर्व से कहो झंडा ऊंचा रहे हमारा...

Updated: बुधवार, 7 दिसंबर 2016 (12:00 IST)
*  सशस्त्र सेना झंडा दिवस का इतिहास
* सशस्त्र सेना झंडा दिवस आज : शहीद सैनिकों को दे श्रद्धांजलि    
 

 
प्रतिवर्ष 7 दिसंबर को सशस्त्र सेना झंडा दिवस मनाया जाता है। झंडा दिवस यानी देश की सेना के प्रति सम्मान प्रकट करने का दिन, उन जांबाज सैनिकों के प्रति एकजुटता दिखाने का दिन, जो देश की तरफ आंख उठाकर देखने वालों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए। सेना में रहकर जिन्होंने न केवल सीमाओं की रक्षा की, बल्कि आतंकवादियों व उग्रवादियों से मुकाबला कर शांति स्थापित करने में अपनी जान तक न्योछावर कर दी। 
 
सशस्त्र झंडा दिवस पर जांबाज सैनिकों व उनके परिजनों के प्रति नागरिक एकजुटता प्रदर्शित करने का दिन है, अत: हर एक नागरिक का कर्तव्य है कि वे 7 दिसंबर को सैनिकों के सम्मान व उनके कल्याण में अपना योगदान दें। इस दिन धनराशि का संग्रह किया जाता है। यह धन लोगों को झंडे का एक स्टीकर देकर एकत्रित किया जाता है। गहरे लाल व नीले रंग के झंडे के स्टीकर की राशि निर्धारित होती है। लोग इस राशि को देकर स्टीकर खरीदते हैं और उसे पिन से अपने सीने पर लगाते हैं। इस तरह वे शहीद या हताहत हुए सैनिकों के प्रति सम्मान प्रकट करते हैं। जो राशि एकत्रित होती है, वह झंडा दिवस कोष में जमा कर दी जाती है। 


 
इस राशि का उपयोग युद्धों में शहीद हुए सैनिकों के परिवार या हताहत हुए सैनिकों के कल्याण व पुनर्वास में किया जाता है। यह राशि सैनिक कल्याण बोर्ड के माध्यम से खर्च की जाती है। देश के हर नागरिक को चाहिए कि वह झंडा दिवस कोष में अपना योगदान दे ताकि हमारे देश का झंडा आसमान की ऊंचाइयों को छूता रहे। 
 
सशस्त्र झंडा दिवस हर साल 7 दिसंबर को पूरे देश में मनाया जाता है, खासतौर से भारत की तीनों सेनाओं में यह दिन विशेष रूप से मनाया जाता है। 23 अगस्त 1947 को केंद्रीय मंत्रिमंडल की रक्षा समिति ने युद्ध दिग्गजों और उनके परिजनों के कल्याण के लिए 7 दिसंबर को झंडा दिवस मनाने का फैसला लिया। समिति ने तय किया कि यह दिन सैनिकों, चाहे वे पैदल सेना के जांबाज हों या फिर नेवी व एयरफोर्स के, उनके प्रति सम्मान प्रदर्शित करने का दिन होगा। 
 
बस, तभी से 7 दिसंबर को हम अपने सैनिकों की सेवा को याद करते हुए इस दिन को मनाते हैं। 
Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

भारत के राष्ट्र-निर्माता और इंजीनियरिंग के मसीहा: सर एम. विश्वेश्वरैया

हिंदी दिवस विशेष: जानिए कैसे हिंदी राष्ट्रभाषा के गौरव से वंचित रह गई?

80s retro look trend : 80 के दशक के रेट्रो लुक से स्मृति और नॉस्टेल्जिया तक

हिंदी दिवस 2026: हिंदी नहीं रही अब पहले जैसी, फिर भी दुनिया में बढ़ता जा रहा इसका दबदबा

वरिष्ठ पत्रकार और लेखक कृष्ण मोहन झा की किताब "डा मोहन भागवत संदेश" का विमोचन

अगला लेख