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घर पर कैसे बनाएं शास्त्रोक्त विधि से मिट्टी के गणेशजी, पढ़ें सम्पूर्ण विधि

Updated: बुधवार, 16 सितम्बर 2015 (15:33 IST)
पर्यावरण की रक्षा के लिए मिट्टी के गणपति बनाना न केवल उचित है, बल्कि धर्म के आधार पर भी सिर्फ मिट्टी या कुछ विशेष धातुओं की ही गणेश प्रतिमाओं का निर्माण सही बताया गया है। मिट्टी की गणेश प्रतिमा जल्द ही जल में घुल जाती है जिससे भगवान का अपमान भी नहीं होता। 


 
आइए हम आपको बताते हैं कि कैसे बनाएं गणेश चतुर्थी पर शास्त्रोक्त विधि से भगवान श्रीगणेश की मिट्टी की प्रतिमा :-  

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आगे पढ़ें सरल तरीके से श्रीगणेश की मिट्टी की प्रतिमा बनाने की विधि... 
 

 

ऐसे बनाएं श्रीगणेश की प्रतिमा... 


 

गणेश चतुर्थी या बुधवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद नदी के किनारे जाकर वहां से साफ मिट्टी लेकर आएं। उस मिट्टी को छानकर एवं शुद्ध जल मिलाकर एक आठ वर्षीय बालिका से उस मिट्टी में गंगाजल, केसर व पवित्र चन्दन जल डालकर आटे जैसा गूंथवा लें एवं फिर स्वयं उस मिट्टी से एक गणेशजी की मूर्ति का निर्माण करें। 
 
इसके बाद उस मूर्ति को शुद्ध घी एवं सिंदूर का चोला चढ़ाएं एवं जनेऊ धारण करवाएं। 
 
तत्पश्चात 'ॐ नमो विघ्नहराय गं गणपतये नम' का मंत्र जाप करते हुए सच्चे मन से परिवारसहित गणेशजी की स्तुति करते हुए कामना करें कि- हे गणेशजी आप स्वयं आकर इस मूर्ति में प्रतिष्ठित हों। इसके बाद श्रीगणेश को धूप-दीप दिखाएं व पांच लाल रंग के फूल अर्पित करें। पांच लड्डुओं का भोग लगाएं।

रोज इसी तरह सुबह-शाम मिट्टी की गणेश प्रतिमा का पूजन करें। यह अनुष्ठान लगातार 40 दिन तक करें।
 
नोट : यदि आप 40 दिन तक यह अनुष्ठान नहीं कर सकते तो अनंत चतुर्दशी पर इस मूर्ति का विसर्जन नदी में विधि-विधानपूर्वक कर दें। इस प्रकार मिट्टी के गणेश का यह उपाय करने से भगवान श्रीगणेश प्रसन्न होते हैं और भक्त की हर मनोकामना पूरी कर सकते हैं। 


 

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श्री रामानुज
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