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Written By WD

शोक की उट्ठक-बैठक

प्रमोद मनोरंजन
- प्रमोद मनोरंजन
Devendra SharmaND

टिम्मू - 'मेरे विचार से शोक की बैठक तब होती है, जब नई पिक्चर का टिकट नहीं मिलता।'

टोनी - शोक की बैठक तब होती है जब लव मैरिज फैल हो जाती है। मिस्टर एंड मिसेज भाटिया के घर मैंने ऐसी बैठक अक्सर देखी है। लोग, शोक प्रकट करने आते हैं - फर्स्ट एड का सामान भेंट दे जाते हैं।

भीखू - 'मैं बताऊँ सर, शोक की असली बैठक तो हमारे यहाँ होती है।
  शोक की बैठक तब होती है जब लव मैरिज फैल हो जाती है। मिस्टर एंड मिसेज भाटिया के घर मैंने ऐसी बैठक अक्सर देखी है। लोग, शोक प्रकट करने आते हैं - फर्स्ट एड का सामान भेंट दे जाते हैं।      


मेरे बापू कब्ज के पुराने मरीज हैं। वे भारी मन से रोज सबसे गले मिलकर कहते हैं कि शोक की बैठक के लिए जा रहा हूँ और रीयली सर, टॉयलेट में उन्हें पूरा डेढ़ घंटा लगता है।'
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WD