माओवाद-बाबावाद का काढ़ा
- शिव शर्मा
बाबा आपने कहा कि माओवाद में बाबावाद मिला देने से सारी समस्याएँ लुप्त हो जाएँगी मगर कैसे?-
हाँ, अध्यात्म की शक्ति से माओवाद की हिंसा मिट सकती है। वे बंदूक से बुराई मिटाना चाहते हैं, हम प्रवचनों से बुराई मिटा देंगे। हम उन्हें योग सिखाकर बंदूक चलाना भुला देंगे।देश की सारी समस्याओं की जड़ आप विदेशी बैंकों में रखा काला धन मानते हैं?-
काले धन से ही सारे काले धंधे चल रहे हैं। उसे वापस लाकर हम अर्थव्यवस्था सुधार डालेंगे।एक बाबा पर, एक व्यापारी ने मुकदमा चलाया है कि उसने काले धन को सफेद करने वाली रसीद जाली दे दी। -
कई, भगवा धारण कर प्रवचनकार बन जाते हैं असली बाबा धर्म से ज्यादा हिसाब-किताब में पक्के होते हैं। वे यह भूल नहीं करते।आप राजनीतिक दल बनाकर चुनाव लड़कर सरकार बनाना चाहते हैं। कैसे?-
योग शक्ति से हम लोगों के विचार बदल देंगे। हमारी औषधियाँ खाकर लोग हमारे उम्मीदवारों को ही वोट देने लगेंगे।
आप कहते हैं कि आप कैंसर जैसे असाध्य रोग भी ठीक कर देते हैं? पता कैसे लगाते हैं कि कैंसर है या नहीं?-
आध्यात्मिक शक्ति से हमें पता चल जाता है कि रोगी को क्या रोग है, जबकि अंग्रेजी डॉक्टरों द्वारा मशीनों से ही पता लगाया जाता है। हम नाड़ी पकड़कर ही पता लगा लेते हैं।माओवादियों को आप कैसे अपना भक्त बना सकते हैं?-
माओवादी भी हिंसक किस्म के अध्यात्मवादी हैं। वे भी हमारी तरह सब कुछ बदलना चाहते हैं। हम उन्हें अनुलोम, विलोम सिखाकर अहिंसावादी बना देंगे। वे बंदूक छोड़कर कीर्तन करने लगेंगे, करताल बजाने लगेंगे। मूल प्रश्न यह है कि आप किस प्रकार माओवाद और अध्यात्मवाद को मिलाकर इस समस्या का निदान करेंगे?-
जैसे हमने अभिनेत्रियों को योग सिखाकर अपने वश में कर लिया है। हम माओवादियों को शोषित हरण की गोलियाँ खिलाकर वश में करेंगे। हम उनकी एके 47 की गोलियाँ छीन लेंगे। माओवाद एवं अध्यात्मवाद में हिंसा का ही तो अंतर है।आपकी सरकार बन जाएगी तो आप क्या उपाय करेंगे?-
सर्वप्रथम हम विदेशी कालेधन को अपने देश में लाएँगे ताकि उससे हमारा और देश का विकास हो।देश की बढ़ती जनसंख्या को रोकने के क्या उपाय हैं?-
सब ब्रह्मचर्य का पालन करेंगे। प्रेम-विवाह आदि आध्यात्मिक ढंग से होंगे। शरीर का उपयोग केवल योग एवं राष्ट्र को शक्तिशाली बनाने में ही करेंगे। हमारे प्रवचन सुनकर जब नेपाल के माओवादी हिंसा छोड़ने को तैयार हो गए तो अपने देश के क्यों नहीं होंगे?