shradh paksha
✕

दद्दू दरबार : ओम जय जगदीश हरे...

Updated: शनिवार, 8 जुलाई 2017 (17:16 IST)
प्रश्न : दद्दूजी, देश के असंख्य हिन्दू धर्मावलंबियों की तरह आपने भी भगवान की आरती के ये बोल- 'ओम जय जगदीश हरे, भक्तजनों के संकट, दास जनों के संकट, क्षण में दूर करें...' गाए होंगे। मेरा आपसे सीधा और सरल-सा प्रश्न है कि क्या आपको लगता है कि भगवान अपने भक्तों की प्रार्थना सुनकर उनके संकट दूर करते होंगे? यदि हां, तो आज हर इंसान त्रस्त और संकटपूर्ण जीवन जीता हुआ क्यों नजर आता है?
 
उत्तर : जनाब आपने बड़ा ही उत्तम प्रश्न पूछा है। देखिए, आपने लाइफबॉय साबुन का वह विज्ञापन तो देखा ही होगा जिसमें साधारण साबुन से नहाने वाले व्यक्ति की सफाई स्थिति को एक गोले के भीतर दिखाए गए अनेक कीटाणुओं के माध्यम से प्रदर्शित किया जाता है। तुरंत बाद जब वह व्यक्ति लाइफबॉय साबुन से स्नान करता है तो गोले के अंदर दिखाए गए कीटाणुओं में से अत्यंत अल्प ही शेष रह जाते हैं। ध्यान रहे कि दावा कीटाणु शत-प्रतिशत रूप से समाप्त करने का नहीं होता। अच्छे से अच्छे और महंगे से महंगे साबुन से नहाने पर भी कुछ कीटाणु तो शेष रह ही जाते हैं। समझ लीजिए कि यही नियम उक्त आरती पर भी लागू होता है। 
 
विश्वास के साथ भगवान की आरती करने के बाद हमें पता भी नहीं चलता है कि कितने संकट टल गए। हां, शेष कीटाणुओं की तरह कुछ संकटों को तो हमें झेलना ही होता है। हमारे संकट वे बचे-खुचे संकट ही होते हैं। संकटों से भरी-पूरी जिंदगी की बानगी देखनी हो तो दुनिया के सोमालिया, सीरिया या फिर पाकिस्तान व अफगानिस्तान के सीमांत प्रदेशों के निवासियों की जिंदगी पर नजर डाल लें। 
 
तो आइए, प्रेम से आरती करें 'ओम जय जगदीश हरे...।'
 
लेखक के बारे में
एमके सांघी
Show comments

मदीना में मिस्टर फैजू ने किया निकाह, शेयर कीं शादी की खूबसूरत तस्वीरें; जानें कौन हैं उनकी दुल्हन

नाना पाटेकर को याद कर भावुक हुईं अनीत पड्डा, बोलीं- जिंदगीभर नहीं भूलूंगी आपके साथ बिताए पल

Bigg Boss 20 में डबल धमाका! 2 वाइल्ड कार्ड एंट्री, लेकिन इस कंटेस्टेंट पर बढ़ा विवाद

दिल्ली में प्रदर्शन के बीच रामायण के लक्ष्मण सुनील लहरी का युवाओं को संदेश, बोले- अफवाहों से बचें और अपनी अक्ल लगाएं

अजय देवगन की 'दृश्यम 3' का बॉक्स ऑफिस पर गदर, 400 करोड़ क्लब में पहुंची फिल्म

सभी देखें

हनुमान अंश से जुड़ी रोचक जानकारियां: लीड एक्टर हुआ बीमार तो असिस्टेंट डायरेक्टर बन गया हीरो

मिर्जापुर की बीना त्रिपाठी: रसिका दुग्गल ने बदल दी गैंगस्टर ड्रामा की पूरी कहानी, अब हो रही स्पिन ऑफ फिल्म की मांग

बिन शादी मांग में किसके नाम का सिंदूर भरती थीं लता मंगेशकर? खुद बताया था राज

Primetime: रॉबर्ट पैटिनसन की साइकोलॉजिकल थ्रिलर, टीवी पर क्रिमिनल्स को रंगे हाथ पकड़ने का खौफनाक सच

बेबी डू डाई डू रिव्यू: हुमा कुरैशी का खामोश खूनी अंदाज और मुंबई का रंग

अगला लेख