दिल्ली पुलिस का दावा, दिशा रवि ने ग्रेटा थनबर्ग के साथ शेयर किया था टूलकिट दस्तावेज

Last Updated: सोमवार, 15 फ़रवरी 2021 (01:04 IST)
नई दिल्ली। किसानों के प्रदर्शन से जुड़ी ‘टूलकिट’ सोशल मीडिया पर शेयर करने में संलिप्तता के आरोप में जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि को बेंगलुरू से गिरफ्तार किया गया है। दिशा रवि (22) को के साइबर प्रकोष्ठ के दल ने शनिवार को गिरफ्तार किया।
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पुलिस ने आरोप लगाया कि भारत के खिलाफ वैमनस्य फैलाने के लिए रवि और अन्य ने खालिस्तान-समर्थक समूह ‘पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन’ के साथ साठगांठ की। दिल्ली पुलिस ने ट्वीट कर दावा किया कि के साथ टूलकिट शेयर करने वालों में से रवि भी एक थीं।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि रवि को पूछताछ के लिए उनके घर से हिरासत में लिया गया और बाद में ‘टूलकिट’ बनाने एवं उसके प्रसार में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
रवि बेंगलुरु के एक निजी कॉलेज से बीबीए की डिग्री धारक हैं और वे ‘फ्राइडेज फॉर फ्यूचर इंडिया’ नामक संगठन की संस्थापक सदस्य भी हैं।

दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त जनसपंर्क अधिकारी अनिल मित्तल ने एक बयान में कहा कि टूलकिट दस्तावेज से संबंधित आपराधिक साजिश से जुड़ी जांच के मामले में दिशा रवि को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया। वे टूलकिट का संपादन करने वालों में से एक हैं और दस्तावेज को बनाने एवं फैलाने के मामले में मुख्य साजिशकर्ता हैं।
अधिकारी ने कहा कि रवि का लैपटॉप और मोबाइल फोन आगे की जांच के लिए जब्त किया गया है। साथ ही पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या वह और भी लोगों के संपर्क में थी, जो इस मामले में संलिप्त हैं।

इस बीच, ‘टूलकिट’ सोशल मीडिया पर साझा करने में संलिप्तता से जुड़े मामले में दिल्ली की एक अदालत ने रविवार को 21 वर्षीय जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि को 5 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया।
दिशा रवि को दिल्ली पुलिस के साइबर प्रकोष्ठ की टीम ने शनिवार को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया था। पुलिस ने रवि को रविवार को अदालत में पेश किया और उन्हें सात दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेजने का अनुरोध किया।

पुलिस ने कहा कि भारत सरकार के खिलाफ कथित तौर पर बड़े स्तर पर साजिश रचने और खालिस्तानी आंदोलन में भूमिका को लेकर जांच करने के लिए हिरासत की आवश्यकता है। सुनवाई के दौरान रवि अदालत कक्ष में रो पड़ीं और न्यायाधीश से कहा कि उन्होंने केवल दो लाइनें ही संपादित की थीं और वह किसान आंदोलन का समर्थन करना चाहती थीं।
ड्यूटी मजिस्ट्रेट देव सरोहा ने दिल्ली पुलिस को रवि से पूछताछ के लिए पांच दिनों की हिरासत की अनुमति प्रदान की। जलवायु कार्यकर्ता की हिरासत का अनुरोध करने के दौरान पुलिस ने अदालत से कहा कि आरोपी ने 3 फरवरी को कथित तौर पर टूलकिट में संपादन किया और इस मामले में कई अन्य लोग भी शामिल हैं।

बाद में दिल्ली पुलिस ने एक के बाद एक किए गए ट्वीट में दावा किया कि दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार दिशा रवि ने टूलकिट दस्तावेज को संपादित किया है और वह दस्तावेज तैयार करने एवं उसका प्रसार करने की मुख्य साजिशकर्ता है। रवि ने व्हाट्सऐप ग्रुप बनाया और टूलकिट तैयार करने के लिए साठगांठ की। उन्होंने इनके साथ मिलकर टूलकिट का मसौदा तैयार किया।
साथ ही आरोप लगाया कि दिशा, ग्रेटा थनबर्ग के साथ टूलकिट साझा करने वालों में शामिल थी। बाद में, गलती से इसका ब्योरा सार्वजनिक होने के चलते उन्होंने थनबर्ग को मुख्य दस्तावेज हटाने को कहा। उधर, संयुक्त किसान मोर्चा ने रवि की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए उन्हें तत्काल रिहा करने की मांग की।

इससे पहले, दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को गूगल और अन्य सोशल मीडिया कंपनियों से ‘टूलकिट’ बनाने वालों से जुड़े ई-मेल आईडी, डोमेन यूआरएल और कुछ सोशल मीडिया अकाउंट की जानकारी देने को कहा था। जलवायु परिवर्तन कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग और अन्य ने यह ‘टूलकिट’ ट्विटर पर शेयर की थी। ‘टूलकिट’ में ट्विटर के जरिए किसी अभियान को ट्रेंड कराने से संबंधित दिशा-निर्देश और सामग्री होती है।
दिल्ली पुलिस के ‘साइबर प्रकोष्ठ’ ने ‘भारत सरकार के खिलाफ सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक युद्ध’ छेड़ने के लक्ष्य से ‘टूलकिट’ के ‘खालिस्तान समर्थक’ निर्माताओं के खिलाफ 4 फरवरी को प्राथमिकी दर्ज की थी।

अज्ञात लोगों के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र, राजद्रोह और अन्य आरोप में भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इससे पहले संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि शुरुआती जांच से पता चला है कि दस्तावेज के तार खालिस्तान-समर्थक समूह ‘पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन’ से जुड़े हैं।
उन्होंने कहा कि 26 जनवरी को हुई हिंसा सहित पिछले कुछ दिनों के घटनाक्रमों पर ध्यान देने पर पता चला है कि ‘टूलकिट’ में बतायी गई योजना का अक्षरश: क्रियान्वयन किया गया है। इसका लक्ष्य ‘‘भारत सरकार के खिलाफ सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक युद्ध छेड़ना है।’’

पुलिस के अनुसार, ‘टूलकिट’ में एक खंड है, जिसमें कहा गया है.... 26 जनवरी से पहले हैशटैग के जरिए डिजिटल हमला, 23 जनवरी और उसके बाद ट्वीट के जरिए तूफान खड़ा करना, 26 जनवरी को आमने-सामने की कार्रवाई और फिर दिल्ली में और उसकी सीमाओं पर किसानों के मार्च में शामिल हों।
पुलिस ने बताया कि दस्तावेज ‘टूलकिट’ का लक्ष्य भारत सरकार के प्रति वैमनस्य और गलत भावना फैलाना और विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक समूहों के बीच वैमनस्य की स्थिति पैदा करना है। (भाषा)



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