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चौथी स्टेज का कैंसर भी हो सकता है गाजर के जूस से ठीक, जानिए कैसे करता है मदद

Updated: मंगलवार, 7 सितम्बर 2021 (10:20 IST)
कैंसर जैसी घातक बीमारी से बचने के लिए इसका इलाज पहले चरण में ही कराना बेहतर होता है। लेकिन कैंसर के ज्यादातर मामलों में इसका खुलासा तब होता है, जब यह अपनी प्रारंभिक अवस्था से आगे बढ़ चुका होता है। 
 
ऐसे में कीमोथैरेपी के अलावा कैंसर को और कोई इलाज नहीं होता और यह अत्यधि‍क तकलीफदेह होता है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी, कि चौथी स्टेज पर आने के बाद भी कैंसर का इलाज संभव है, सिर्फ गाजर के सेवन से -  
 
* ब्रिटेन की न्यू कैसल यूनिवर्सिटी में किए गए एक शोध के अनुसार, गाजर में पॉलीएसिटिलीन पाया जाता है, जो कैंसर कोशिकाओं को समाप्त कर ट्यूमर का विकास रोकने में सहायता करता है। 
 
* इसके अलावा गाजर में कई तरह के विटामिन और मिनरल्स के अलावा बीटा कैरोटीन, अल्फा कैरोटीन, कैल्शियम एवं अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो आंतरिक अंगों को स्वस्थ रखने में सहायक होते हैं।
 
* शोध के मुताबिक गाजर में मौजूद फैलकारिनॉल, फैलकैरिन्डि‍यॉल और एंटी कैंसर तत्व लंग कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर व कोलोन कैंसर के खतरे को कम करते हैं। 
 
* इसमें पाया जाने वाला केरेटिनॉइड एसिड महिलाओं में होने वाले स्तन कैंसर की कारक कोशि‍काओं के शुरुआती बदलाव को रोकने में कारगर होता है।
 
* गाजर के सेवन से कैंसर की चौथी स्टेज पर जीत हासिल करने का भी एक उदाहरण पिछले वर्ष सामने आया है। जिसमें कहा गया था कि कैमरून नामक एक महिला ने गाजर के जूस का सेवन कर कैंसर को चौथे चरण में आने के बावजूद मात देने में कामयाबी हासि‍ल की है।
 
कैमरून के अनुसार, उन्हें सन 2013 में कोलोन कैंसर के बारे में पता चला, जो कि चौथे चरण पर पहुंच चुका था। कीमोथैरेपी के अलावा इसके लिए कोई और विकल्प भी नहीं था। कैमरून ने इंटरनेट पर रिसर्च कर, राल्प कोले नामक व्यक्ति का अनुभव पढ़ा, जिसे प्रतिदिन 2.25 किलो गाजर का जूस पीने से कैंसर में काफी लाभ हुआ था। इसके बाद कैमरून ने भी गाजर के जूस का सेवन शुरू किया।
 

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