biodatamaker
✕

narak chaturdashi : आज है नरक चतुर्दशी, दिवाली के पहले जन्मे थे हनुमान जी, और भी 8 खास बातें

Updated: बुधवार, 23 अक्टूबर 2019 (16:16 IST)
1 . दीपावली पर्व के ठीक एक दिन पहले मनाई जाने वाली नरक चतुर्दशी को छोटी दीवाली भी कहा जाता है और इस दिन मृत्यु के देवता यमराज और हनुमान जी की पूजा की जाती है।
 
2. कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी (छोटी दीपावली) को नरक चतुर्दशी भी कहा जाता है। नरक चतुर्दशी को यमराज और बजरंगी बली हनुमान की भी पूजा-अर्चना की जाती हैं। मान्यता है कि आज के दिन ही बजरंग बली का जन्म हुआ था। 
 
3. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन अर्द्धरात्रि में हनुमान जी का जन्म अंजनी माता के गर्भ से हुआ था। यही कारण है कि हर तरह के सुख, आनंद और शांति की प्राप्ति के लिए नरक चतुर्दशी को बजरंग बली की उपासना लाभकारी होती है। 
 
4. इस दिन शरीर पर तिल के तेल का उबटन लगाकर स्नान करते हैं और इसके बाद हनुमान की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हुए उन्हें सिंदूर चढ़ाया जाता है।
 
5. छोटी दीवाली के दिन घर के नरक यानी गंदगी को साफ किया जाता है। जहां सुंदर और स्वच्छ प्रवास होता है, वहां लक्ष्मी जी अपने कुल के साथ आगमन करती हैं। इस दिन यमराज के निमित्त एक दीपक दक्षिण दिशा की ओर मुख कर जलाया जाता है ताकि यमराज खुश रहें। अकाल मृत्यु न हो और नरक के बजाय विष्णुलोक में स्थान मिले।
 
6 . नरक चतुर्दशी को लोग यमराज की पूजा कर अपने परिवार वालों के लिए नरक निवारण की प्रार्थना करते हैं। साथ ही गलतियों से बचने के लिए उनसे माफी मांगी जाती है। नरक चतुर्दशी को मुक्ति पाने वाला पर्व भी कहा जाता है। इस दिन लंबी आयु के लिए घर के बाहर यम का दीपक जलाने की परंपरा है। आज की रात जब घर के सभी सदस्य आ जाते हैं तो गृह स्वामी यम के नाम का दीपक जलाते हैं।
 
7. कई घरों में इस दिन रात को घर का सबसे बुजुर्ग सदस्य एक दीया जलाकर पूरे घर में घुमाता है और फिर उसे ले कर घर से बाहर कहीं दूर रख कर आता है। घर के अन्य सदस्य अंदर रहते हैं और इस दीये को नहीं देखते। यह दीया यम का दीया कहलाता है। माना जाता है कि पूरे घर में इसे घुमाकर बाहर ले जाने से सभी बुराइयां और कथित बुरी शक्तियां घर से बाहर चली जाती हैं।
    
8. इस रात दीये जलाने की प्रथा के संदर्भ में कई पौराणिक कथाएं और लोकमान्यताएं हैं। एक कथा के अनुसार आज के दिन ही भगवान श्री कृष्ण ने अत्याचारी और दुराचारी दुर्दांत असुर नरकासुर का वध किया था और सोलह हजार एक सौ कन्याओं को नरकासुर के बंदी गृह से मुक्त कर उन्हें सम्मान प्रदान किया था। इस उपलक्ष्य में दीयों की बारात सजाई जाती है। 

Show comments

सभी देखें

Shukra Uday 2026: तुला राशि में उदित हुए शुक्र, इन राशियों की खुलेगी किस्मत, मिलेगा अपार धन और प्रेम

Karwa Chauth 2026: करवा चौथ पर बादलों में छिप गया चांद तो क्या करें? जानिए व्रत खोलने का सही तरीका

29 October Birthday: आपको 29 अक्‍टूबर, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (29 अक्‍टूबर, 2026)

रमा एकादशी व्रत रखने का क्या है महत्व? जानिए पारण का समय

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 29 अक्‍टूबर 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय

गोवत्स द्वादशी के त्योहार का महत्व, कथा और पूजा का शुभ मुहूर्त

Karwa Chauth Fashion Rules: करवा चौथ पर पहन रही हैं शादी का जोड़ा? जानें लाल रंग का धार्मिक रहस्य और भूलकर भी न पहनें ये 4 अशुभ रंग

Kartik Maas Niyam: कार्तिक महीने में क्या करें और क्या न करें? जानें वो 10 काम जिनसे प्रसन्न होंगी मां लक्ष्मी

Shani Gochar 2026: शनि का 3 बड़े ग्रहों के साथ दुर्लभ 'षडाष्टक योग', इन 4 राशियों की अचानक चमकेगी किस्मत

अगला लेख