Hanuman Chalisa
✕

धनतेरस 2020 : कैसे मनाएं धन त्रयोदशी?

Updated: गुरुवार, 12 नवंबर 2020 (14:02 IST)
धनत्रयोदशी से दीपावली पर्व का प्रारंभ हो जाता है। ऐसी मान्यता है कि समुद्र मंथन के उपरांत धनत्रयोदशी के दिन ही भगवान धन्वंतरि अपने हाथों में अमृत कलश लिए प्रकट हुए थे। धन्वंतरि भगवान विष्णु के अंशांश अवतार माने जाते हैं। भगवान धन्वंतरि आयुर्वेद के जनक कहे जाते हैं। इस वर्ष धनत्रयोदशी गुरुवार, 12 नवंबर और मत मतांतर से 13 नवंबर 2020 को मनाई जाएगी।
 
प्रात:काल क्या करें?-
 
धनतेरस के दिन किसी पवित्र नदी में स्नान करने के उपरांत भगवान धन्वंतरि की पंचोपचार
पद्धति से पूजा करें।

सर्वप्रथम एक चौकी पर भगवान धन्वंतरि का चित्र, जिसमें वे अमृत-कलश लिए हों, स्थापित करें। तत्पश्चात उस चित्र की धूप, दीप, पुष्प, नैवेद्य व आरती से पूजा करें। इस प्रकार धनत्रयोदशी के दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा करने से आरोग्य एवं लक्ष्मी की प्राप्ति होती है।
 
मध्यान्ह काल-
 
भगवान धन्वंतरि की पूजा के उपरांत अपरान्ह (दोपहर) में नवीन वस्तुओं का क्रय करें। नवीन वस्तुएं क्रय करते समय ध्यान रखें कि खरीदारी में चांदी की कोई वस्तु अवश्य हो। धनत्रयोदशी के दिन चांदी खरीदने से वर्षभर सुख-समृद्धि बनी रहती है।
 
सायंकाल (प्रदोषकाल)-
 
धनत्रयोदशी के दिन सायंकाल यमराज के निमित्त दीपदान करें, इसे 'यम-दीपदान' कहा जाता है। घर के मुख्य द्वार के बाहर गोबर का लेपन करें, तत्पश्चात मिट्टी के 2 दीयों में तेल डालकर दीप प्रज्वलित करें। दीये प्रज्वलित करते समय 'दीपज्योति नमोस्तुते' मंत्र का जाप करते रहें एवं अपना मुख दक्षिण दिशा की ओर रखें। धनत्रयोदशी के दिन 'यम-दीपदान' करने से घर-परिवार में किसी सदस्य की अकाल मृत्यु नहीं होती है।
 
प्रदोषकाल समय- शास्त्रानुसार प्रदोषकाल सूर्यास्त से 2 घड़ी अर्थात 48 मिनट तक रहता है। मतांतर से कुछ विद्वान इसे 1 घड़ी (24 मिनट) सूर्यास्त से पूर्व तथा 1 घड़ी (24 मिनट) सूर्यास्त के पश्चात तक का भी मानते हैं।
 
-ज्योतिर्विद् पं. हेमन्त रिछारिया
प्रारब्ध ज्योतिष परामर्श केंद्र
संपर्क : astropoint_hbd@yahoo.com
 
लेखक के बारे में
पं. हेमन्त रिछारिया
ज्योतिर्विद पं. हेमन्त रिछारिया ज्योतिष प्रभाकर उपाधि से सम्मानित हैं। विगत 12 वर्षों से ज्योतिष संबंधी अनुसंधान एवं ज्योतिष से जुड़ी गलत धारणाओं का खंडन कर वास्तविक ज्योतिष के प्रचार-प्रसार में योगदान दे रहे हैं। कई ज्योतिष आधारित पुस्तकों का लेखन।.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

भविष्य मालिका भविष्यवाणी: क्या सच में होगा रिजीम चेंज? जानें क्या इशारा कर रहे हैं ग्रह-नक्षत्र

22 October Birthday: आपको 22 अक्‍टूबर, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (22 अक्‍टूबर, 2026)

कैसे हुई करवा चौथ की शुरुआत? जानिए इतिहास और व्रत के खास नियम

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 22 अक्‍टूबर 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय

अगला लेख