रोहित शर्मा ने खुद खोला अपनी सफलता का राज

पुनः संशोधित रविवार, 7 जुलाई 2019 (13:38 IST)
लीड्स। भारत के सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने एकदिवसीय क्रिकेट में अपनी सफलता का श्रेय अनुशासन को दिया है जिससे वे एक विश्व कप में सर्वाधिक शतक जड़ने वाले खिलाड़ी बन गए हैं।
रोहित ने शनिवार को श्रीलंका के खिलाफ 103 रनों की पारी खेली और वे 1 विश्व कप में 5 शतक जड़ने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बने। उन्होंने श्रीलंका के पूर्व कप्तान कुमार संगकारा का रिकॉर्ड तोड़ा। संगकारा ने 2015 में 4 शतक लगाए थे।

रोहित ने श्रीलंका पर भारत की 7 विकेटों की जीत के बाद कहा कि आपकी बल्लेबाजी में भी अनुशासन होना चाहिए और यह मैंने अपने अतीत से सीखा है।

उन्होंने कहा कि जो बीत गया वह बीत गया, क्रिकेट में प्रत्येक दिन नया होता है। मैं प्रत्येक दिन की शुरुआत नए दिन के रूप में करना चाहता हूं। मैं यह सोचकर उतरता हूं कि मैंने कोई एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला है या टूर्नामेंट में कोई शतक नहीं जड़ा है। मैं इसी मानसिकता के साथ उतरना चाहता हूं और मैं स्वयं से यही कहता हूं।
यह पूछने पर कि वे इस टूर्नामेंट में बड़ी पारियां कैसे खेल पा रहे हैं? रोहित ने कहा कि क्रीज पर उतरने के बाद शॉट चयन महत्वपूर्ण हो जाता है। मुझे स्वयं को बार-बार बताना होता है कि इस पिच पर मैं किस तरह के शॉट खेल सकता हूं और किस तरह के गेंदबाज मुझे गेंदबाजी कर रहे हैं?

उन्होंने कहा कि मैं यह गणना करने का प्रयास करता हूं कि मैं कैसे आगे बढ़ सकता हूं? अब तक इसका फायदा हुआ है। एकदिवसीय क्रिकेट में सर्वाधिक 3 दोहरे शतक जड़ने वाले रोहित ने कहा कि उनका काम अपनी टीम के लिए मैच जीतना है, उपलब्धियों के पीछे जाना नहीं।
उन्होंने कहा कि 5 शतक जड़ने के बारे में नहीं सोचा था। मैं बस क्रीज पर उतरकर अपना काम करना चाहता हूं। किसी तरह की उपलब्धि के बारे में नहीं सोचता। (भाषा)



और भी पढ़ें :