सम्बंधित जानकारी
- विश्व बैंक ने आखिर क्यों की सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की तारीफ?
- DCGI ने कोविशील्ड के उपयोग की अवधि 6 महीने से बढ़ाकर 9 महीने की
- कोविशील्ड Vaccine का दूसरा डोज अब 4 से 8 सप्ताह बाद
- क्यों सीरम इंस्टीट्यूट को दुनिया की सबसे बड़ी 'वैक्सीन फैक्ट्री' कहा जाता है
- Serum ने कहा- भरोसा रखें, कोविशील्ड वैक्सीन के प्रोडक्शन पर नहीं होगा असर
SII | SII ने दक्षिण अफ्रीका को टीकों के लिए दी गई पूरी रकम लौटाई, जानिए क्यों
जोहानिसबर्ग। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) ने टीके की 5,00,000 खुराकों के लिए दक्षिण अफ्रीका की ओर से दी गई पूरी रकम उसे वापस कर दी है। वायरस के नए स्वरूप पर टीके के असरदार नहीं होने के कारण दक्षिण अफ्रीका ने इसका इस्तेमाल नहीं करने का फैसला किया था जिसके बाद कंपनी ने इन खुराकों की आपूर्ति नहीं की थी।
सीरम इंस्टीट्यूट से मिली टीके की लाखों खुराकों को अफ्रीकी संघ के अन्य देशों को बेच दिया गया है। स्वास्थ्य मंत्री ज्वेली मिखिजे ने गुरुवार को टेलीविजन पर पत्रकारों से कहा कि वित्त विभाग ने इस बात की पुष्टि की है कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने टीके की 5,00,000 खुराकों के लिए हमारे द्वारा दी गई पूरी रकम हमें लौटा दी है और पैसा हमारे बैंक खाते में आ गया है।
उन्होंने कहा कि मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि अब से एस्ट्राजेनेका टीके का मामला बंद हो गया और बिना किसी बेकार या फिजूलखर्च के इसे बंद किया जाता है। मिखिजे ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका के लोगों में इसे लेकर बहुत चिंता थी कि टीका अब बेकार हो जाएगा। लेकिन मैं बताना चाहता हूं कि एस्ट्राजेनेका के सभी टीकों को नुकसान होने से बचा लिया गया है। उन्होंने कहा कि जो 10 लाख खुराकें हमें मिली थीं, उसे हमने अफ्रीकी संघ के मंच को बेच दिया है और उन्हें कई अफ्रीकी देशों में वितरित कर दिया गया है। (भाषा)
